केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव की प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बिजली गुल होने के मामले में राजस्थान राज्य विद्युत प्रसारण निगम ने बड़ी कार्रवाई की है। घटना के दो दिन बाद शनिवार को 400 केवी ग्रिड सब स्टेशन (GSS) हीरापुरा में कार्यरत सहायक अभियंता (AEN) विपिन वर्मा और इलेक्ट्रीशियन प्रथम बाबू सिंह को निलंबित कर दिया गया। वहीं जयपुर सिटी के अधीक्षण अभियंता (XEN) आर.पी. गुप्ता को चार्जशीट जारी कर जवाब मांगा गया है।
दरअसल, 11 जून को हीरापुरा स्थित 400 केवी जीएसएस में हुई ट्रिपिंग के कारण भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव की प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान तीन बार बिजली गुल हो गई थी। करीब 13 मिनट तक कार्यक्रम प्रभावित रहा और मंत्री को अंधेरे में ही मीडिया को संबोधित करना पड़ा। घटना के बाद सरकार और बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे थे।
मामले को गंभीरता से लेते हुए ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने तत्काल जांच के आदेश दिए थे। इसके बाद गठित तीन सदस्यीय जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट निगम को सौंपी। रिपोर्ट में लापरवाही सामने आने पर यह कार्रवाई की गई।
निगम की ओर से जारी आदेश के अनुसार निलंबित दोनों कर्मचारियों का मुख्यालय अतिरिक्त मुख्य अभियंता (आईटी), राजस्थान राज्य विद्युत प्रसारण निगम, जयपुर कार्यालय निर्धारित किया गया है। निलंबन अवधि के दौरान वे वहीं से संबद्ध रहेंगे।
ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने कहा कि बिजली प्रसारण व्यवस्था में किसी भी प्रकार की लापरवाही, बार-बार ट्रिपिंग और आमजन को होने वाली परेशानी किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को ग्रिड और प्रसारण व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के निर्देश दिए हैं।
मंत्री ने स्पष्ट किया कि बिजली व्यवस्था में जवाबदेही तय कर दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।