राजस्थान की राजधानी जयपुर में एक हत्याकांड का खुलासा हुआ है, जिसने हर किसी को सन्न कर दिया है। यहां एक सिरफिरे आशिक ने अपनी 6 महीने की प्रेग्नेंट लिव-इन पार्टनर की बेरहमी से गला घोंटकर हत्या कर दी। वारदात को छिपाने के लिए आरोपी ने हॉलीवुड-बॉलीवुड की क्राइम थ्रिलर फिल्मों की तर्ज पर लाश को उसी किराए के मकान के लॉन में गड्ढा खोदकर दफना दिया और शव जल्दी गल जाए, इसके लिए उस पर 2 किलो नमक भी छिड़क दिया।

मंगलवार को जयपुर पुलिस ने यूपी बॉर्डर के पास से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में जो खुलासे हुए हैं, वे बेहद चौंकाने वाले हैं।

रिश्ते में चाची थी मृतका, भगाकर लाया था जयपुर

डीसीपी (वेस्ट) प्रशांत किरण ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि गिरफ्तार आरोपी की पहचान 22 वर्षीय प्रवेश रावत के रूप में हुई है, जो मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बाराबंकी का रहने वाला है। जांच में सामने आया कि 32 वर्षीय मृतका किरण रिश्ते में प्रवेश की चाची लगती थी। इसी साल जनवरी में प्रवेश उसे गांव से भगाकर ले आया था और दोनों पिछले दो महीनों से जयपुर के बिंदायका थाना क्षेत्र स्थित प्रेस्टीज कॉलोनी में एक किराए के मकान में लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहे थे।

एक ही फोन से होती थी बात

पुलिस के अनुसार, प्रवेश और किरण के पास एक ही मोबाइल था। जब प्रवेश फैक्ट्री में काम करने जाता, तो वह फोन घर पर किरण के पास छोड़ जाता था। पिछले कुछ समय से प्रवेश को शक होने लगा था कि किरण उस फोन से किसी और से बात करती है। इसी शक और जलन के चलते 23 सितंबर की अलसुबह प्रवेश ने सोते समय किरण का गला दबा दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। उस वक्त किरण 6 महीने की गर्भवती थी।

फिल्में देखकर दफनाई लाश, फिर पाप धोने पहुंचा मंदिर

हत्या के बाद प्रवेश कई घंटों तक लाश के पास बैठा रहा और इसे ठिकाने लगाने का तरीका सोचता रहा। फिल्मों से आइडिया लेकर उसने बाजार से 2 किलो नमक खरीदा। रात के अंधेरे में उसने घर के आगे खाली पड़े 100 वर्गगज के लॉन में गड्ढा खोदा, लाश को उसमें डाला, ऊपर से नमक छिड़का और मिट्टी से ढक दिया।

हैरानी की बात यह है कि अगले दिन यह कातिल अपने 'पाप धोने' के लिए सामोद हनुमान मंदिर पहुंचा और वहां दर्शन किए। इसके बाद वह 25 और 26 सितंबर को बिल्कुल सामान्य तरीके से अपनी फैक्ट्री में काम करने भी गया, ताकि किसी को शक न हो।

बदबू उठी तो घबराया, ठेकेदार से 500 रुपये उधार लेकर भागा

26 सितंबर की रात उसने अपने परिजनों को फोन कर किरण की मौत की झूठी कहानी गढ़ी। लेकिन जब 4 दिन बाद 27 सितंबर को लॉन में दबी लाश से तेज बदबू आने लगी, तो वह घबरा गया। उसने भागने का प्लान बनाया और फैक्ट्री ठेकेदार से 500 रुपये उधार लेकर, अपना मोबाइल स्विच-ऑफ कर जयपुर से फरार हो गया।

मकान मालिक की सतर्कता से खुला राज

इस खौफनाक राज से पर्दा तब उठा जब 27 सितंबर की सुबह झोटवाड़ा निवासी मकान मालिक कृष्ण कुमार मीणा (52) अपने घर की देखभाल के लिए पहुंचे। प्रवेश का फोन बंद था। जब वे लॉन की तरफ गए तो वहां ताजी खोदी गई मिट्टी नजर आई और अजीब सी दुर्गंध आ रही थी। शक होने पर उन्होंने प्रवेश के जीजा मंगल कुमार (जिसने कमरा दिलाया था) को बुलाया। थोड़ी मिट्टी हटाने पर महिला का हाथ बाहर नजर आ गया। तुरंत पुलिस को सूचना दी गई।

मौके पर पहुंची बिंदायका थाना पुलिस और FSL टीम ने 4 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद शव को बाहर निकाला और पोस्टमार्टम के लिए कांवटिया अस्पताल भिजवाया।

"उसने सुसाइड किया था" पुलिस को गुमराह करने की कोशिश

सीसीटीवी फुटेज और साइबर सेल की मदद से पुलिस लगातार कातिल का पीछा कर रही थी। जैसे ही आरोपी ने यूपी बॉर्डर के पास अपना मोबाइल ऑन किया, उसकी लोकेशन ट्रेस हो गई और पुलिस ने उसे धर दबोचा। पूछताछ के दौरान शुरुआत में आरोपी ने पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की। उसने कहानी बनाई कि किरण ने फांसी लगाकर सुसाइड किया था और वह पुलिस के डर से लाश को दफनाकर भाग गया था। हालांकि, पुलिस की सख्ती के आगे उसकी एक न चली और उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया।

फिलहाल पुलिस आरोपी से आगे की पूछताछ कर रही है, ताकि इस हत्याकांड से जुड़े कुछ और अहम सुराग हाथ लग सकें।