राजस्थान में इस समय कड़ाके की सर्दी और घने कोहरे का दौर जारी है। प्रदेश के कई शहरों में सुबह के समय दृश्यता बेहद कम हो गई है, जिससे जनजीवन और यातायात दोनों प्रभावित हो रहे हैं। अलवर, सीकर, जयपुर, भरतपुर सहित एनसीआर से सटे इलाकों में सुबह-सुबह घना कोहरा छाया रहा, वहीं रात के तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। इसी बीच साल के आखिरी दिन यानी 31 दिसंबर को मौसम में बड़ा बदलाव होने के संकेत मिले हैं।

मौसम विभाग के अनुसार उत्तर भारत में सक्रिय हो रहे पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टरबेंस) का असर राजस्थान पर भी पड़ेगा। इसके चलते प्रदेश के कई हिस्सों में 31 दिसंबर को बारिश की संभावना जताई गई है। खास बात यह है कि इस सिस्टम का असर नए साल के पहले दिन यानी 1 जनवरी तक बना रह सकता है।

इन क्षेत्रों में बारिश की संभावना

मौसम विभाग का कहना है कि उत्तरी, पूर्वी और शेखावाटी क्षेत्र के जिलों में बादल छाए रहेंगे और कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। कुछ जिलों में बूंदाबांदी के साथ ठंडी हवाएं भी चल सकती हैं। इससे जहां एक ओर ठंड का अहसास बना रहेगा, वहीं दूसरी ओर लंबे समय से जमी शीतलहर और कोहरे से आंशिक राहत मिलने की उम्मीद है।

ठंड और कोहरे का असर

पिछले कई दिनों से राजस्थान के कई इलाकों में न्यूनतम तापमान सामान्य से नीचे बना हुआ है। रात और सुबह के समय ठिठुरन बढ़ गई है। कोहरे के कारण सड़क और रेल यातायात पर भी असर पड़ा है। कई जगहों पर वाहन चालकों को दिन में भी हेडलाइट जलाकर चलना पड़ रहा है।

नए साल के जश्न पर मौसम का असर

न्यू ईयर सेलिब्रेशन की तैयारी कर रहे लोगों के लिए मौसम अहम भूमिका निभाने वाला है। खुले मैदानों, पर्यटन स्थलों और बाहरी कार्यक्रमों में हल्की बारिश या ठंडी हवाएं खलल डाल सकती हैं। वहीं, होटल और रिसॉर्ट्स में ठहरने वाले सैलानियों को भी गर्म कपड़ों और मौसम की तैयारी रखने की सलाह दी गई है।

आगे कैसा रहेगा मौसम

31 दिसंबर: कई जिलों में बादल, कुछ स्थानों पर बारिश

1 जनवरी: आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे, हल्की बारिश या बूंदाबांदी संभव

बारिश के बाद: न्यूनतम तापमान में हल्की बढ़ोतरी, लेकिन ठंड पूरी तरह खत्म नहीं होगी

मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि वे मौसम पूर्वानुमान पर नजर बनाए रखें, कोहरे के दौरान वाहन चलाते समय सावधानी बरतें और ठंड से बचाव के लिए आवश्यक इंतजाम करें।