राजस्थान में पेट्रोल की कीमतों ने सोमवार (20 अप्रैल) को एक दिलचस्प तस्वीर पेश की है—जहां कुछ शहरों में राहत की खबर है, वहीं कई जिलों में अब भी महंगाई का दबाव बरकरार है। ताजा आंकड़ों के मुताबिक जयपुर पूरे प्रदेश में सबसे सस्ता पेट्रोल देने वाला शहर बनकर उभरा है, जबकि सीमावर्ती इलाकों में दाम अब भी ऊंचे स्तर पर टिके हुए हैं।
जयपुर में राहत, बॉर्डर जिलों में बोझ
राजधानी जयपुर में पेट्रोल की कीमत घटकर ₹104.36 प्रति लीटर हो गई है। पिछले 24 घंटों में यहां ₹0.77 की गिरावट दर्ज की गई है, जिससे आम उपभोक्ताओं को सीधी राहत मिली है। जयपुर के अलावा भरतपुर (₹104.51) और ब्यावर (₹104.60) जैसे शहर भी सस्ते पेट्रोल की सूची में शामिल हैं।
वहीं दूसरी तरफ श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, बीकानेर और जैसलमेर जैसे सीमावर्ती जिलों में पेट्रोल ₹106.21 प्रति लीटर के आसपास बना हुआ है। यानी राजधानी और बॉर्डर जिलों के बीच करीब ₹2 तक का अंतर साफ दिखाई देता है।
कुछ शहरों में बढ़त भी दर्ज
आज के रेट्स में कुछ शहरों में बढ़ोतरी भी देखने को मिली है। अजमेर और दौसा में पेट्रोल ₹0.53 तक महंगा हुआ है। इसके अलावा अलवर और भीलवाड़ा में भी कीमतों में हल्की बढ़त ने लोगों की जेब पर असर डाला है।
पिछले 10 दिनों का ट्रेंड: स्थिरता नहीं, उतार-चढ़ाव जारी
अगर पिछले 10 दिनों के ट्रेंड पर नजर डालें तो जयपुर में पेट्रोल ₹104.36 से ₹105.13 के बीच झूलता रहा है। इससे साफ है कि बाजार में अभी स्थिरता नहीं आई है। विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट जारी रहती है, तो आने वाले दिनों में राजस्थान के अन्य शहरों में भी कीमतें ₹105 के नीचे आ सकती हैं।
क्यों बदलती हैं पेट्रोल की कीमतें?
राजस्थान में पेट्रोल के दाम सिर्फ स्थानीय नहीं, बल्कि वैश्विक और आर्थिक कारकों से तय होते हैं:
कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतें: भारत अपनी जरूरत का अधिकांश तेल आयात करता है। मध्य-पूर्व जैसे क्षेत्रों में तनाव या उत्पादन में बदलाव का सीधा असर कीमतों पर पड़ता है।
रुपया बनाम डॉलर: डॉलर के मुकाबले रुपया कमजोर होता है तो पेट्रोल महंगा हो जाता है।
टैक्स और वैट (VAT): केंद्र और राज्य सरकारों के टैक्स कीमतों का बड़ा हिस्सा तय करते हैं।
ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स: दूरदराज और बॉर्डर क्षेत्रों में परिवहन लागत ज्यादा होने से दाम भी अधिक रहते हैं।
क्या आगे सस्ता होगा पेट्रोल?
फिलहाल बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है, लेकिन अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल सस्ता होता है और रुपया मजबूत रहता है, तो राजस्थान के कई शहरों में पेट्रोल के दाम और नीचे आ सकते हैं। हालांकि टैक्स स्ट्रक्चर में बदलाव के बिना बड़ी गिरावट की उम्मीद कम ही रहती है।
कुल मिलाकर, सोमवार की सुबह राजस्थान के लिए मिली-जुली खबर लेकर आई है—राजधानी में राहत, लेकिन सीमावर्ती जिलों में अब भी महंगाई का असर कायम।