राजस्थान के अलवर जिले में स्थित ईटाराणा सैन्य छावनी से एक युवक को संदिग्ध गतिविधियों के चलते हिरासत में लिया गया है। सुरक्षा एजेंसियों को आशंका है कि युवक पाकिस्तान के लिए जासूसी नेटवर्क से जुड़ा हो सकता है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि वह सैन्य छावनी और संवेदनशील इलाकों से जुड़ी जानकारियां जुटाकर पाकिस्तान स्थित संपर्कों तक पहुंचा रहा था।

सूत्रों के अनुसार हिरासत में लिया गया युवक जोधपुर निवासी कुंदन विश्नोई (20) बताया जा रहा है। जांच एजेंसियों का दावा है कि वह कथित तौर पर पाकिस्तानी इंटेलिजेंस ऑपरेटिव (PIO) के संपर्क में था और उसके लिए सक्रिय एजेंट के रूप में काम कर रहा था। इसके बदले उसे आर्थिक लाभ भी मिलता था।

सैन्य छावनी में दोस्ती के जरिए बनाई पहुंच

जानकारी के अनुसार कुंदन ने ईटाराणा सैन्य छावनी में रहने वाले एक युवक से दोस्ती की थी। इसी संपर्क के जरिए उसे कैंट क्षेत्र में आने-जाने का अवसर मिला। बताया जा रहा है कि रविवार रात वह छावनी परिसर में एक छात्रा से बातचीत कर रहा था, तभी सेना के जवानों को उसकी गतिविधियां संदिग्ध लगीं।

संदेह होने पर सेना के जवानों ने उसे रोककर पूछताछ शुरू की। प्रारंभिक पूछताछ में कई तथ्य सामने आने के बाद मामला गंभीर माना गया और आर्मी इंटेलिजेंस को इसकी सूचना दी गई।

मोबाइल जांच में मिले कई सुराग

आर्मी इंटेलिजेंस की सूचना पर युवक को अलवर के एमआईए थाना क्षेत्र में लाया गया। इसके बाद आईबी, सीआईडी और अन्य खुफिया एजेंसियों की संयुक्त टीम उससे पूछताछ कर रही है।

जांच के दौरान युवक का मोबाइल फोन खंगाला गया, जिसमें कई संदिग्ध चैट, कॉल डिटेल और सोशल मीडिया गतिविधियां सामने आईं। सूत्रों के मुताबिक आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम के जरिए स्कूल और कॉलेज की छात्राओं से संपर्क बनाता था। उनका विश्वास जीतने के लिए महंगे उपहार और अन्य सुविधाएं देने की बात भी जांच में सामने आई है।

संवेदनशील जानकारी साझा करने का संदेह

जांच एजेंसियों को शक है कि आरोपी सैन्य गतिविधियों और कैंट क्षेत्र से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां पाकिस्तान तक पहुंचा रहा था। कुछ कॉल रिकॉर्ड और संदेशों की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि आरोपी अकेले काम कर रहा था या किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा था।

कई एजेंसियां कर रहीं संयुक्त जांच

फिलहाल युवक से लगातार पूछताछ जारी है। सुरक्षा एजेंसियां उसके संपर्कों, बैंक खातों, सोशल मीडिया नेटवर्क और यात्रा रिकॉर्ड की भी जांच कर रही हैं। मामले को राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा होने के कारण बेहद संवेदनशील माना जा रहा है।

अलवर पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच अभी शुरुआती चरण में है और सभी तथ्यों की पुष्टि के बाद ही विस्तृत जानकारी सार्वजनिक की जाएगी। एजेंसियों को उम्मीद है कि पूछताछ के दौरान इस पूरे नेटवर्क से जुड़े और भी महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं।

फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां मामले की हर पहलू से जांच कर रही हैं और आधिकारिक रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।