राजस्थान में केंद्र सरकार की अटल भूजल योजना को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। आरोप है कि धौलपुर जिले में जल संरक्षण कार्यों के लिए जारी 1 करोड़ 35 लाख रुपये से अधिक के टेंडर में गंभीर अनियमितताएं हुईं। आरोपों के मुताबिक, संबंधित फर्म ने निर्धारित कार्य पूरे नहीं किए, लेकिन उसे लाखों रुपये का भुगतान कर दिया गया। इस मामले में राज्य सरकार ने भू-जल विभाग के परियोजना निदेशक एवं चीफ इंजीनियर सूरजभान सिंह को चार्जशीट जारी कर 15 दिनों में जवाब देने के निर्देश दिए हैं।
क्या है पूरा मामला?
अटल भूजल योजना के तहत धौलपुर जिले में जल संरक्षण और भूजल प्रबंधन से जुड़े कार्यों के लिए 1.35 करोड़ रुपये का टेंडर नितानंद शिक्षा समिति, दौसा को दिया गया था। योजना के तहत ग्राम पंचायतों के लिए जल सुरक्षा योजना तैयार करना, जल स्रोतों की जीपीएस मैपिंग, जलाशयों का सर्वे, जियो-रेफरेंसिंग और वार्षिक कार्ययोजना तैयार करना जैसे कई महत्वपूर्ण कार्य तय समय सीमा में पूरे किए जाने थे।
आरोप है कि फर्म ने इन कार्यों को निर्धारित अवधि में पूरा नहीं किया, इसके बावजूद उसे करीब 7.03 लाख रुपये का भुगतान कर दिया गया।
चीफ इंजीनियर पर क्या आरोप हैं?
राज्य सरकार द्वारा जारी चार्जशीट में सूरजभान सिंह पर तीन प्रमुख आरोप लगाए गए हैं—
- फर्म द्वारा कार्य नहीं करने के बावजूद समय पर कार्रवाई नहीं करना।
- ठेका निरस्त करने और सुरक्षा राशि जब्त करने के उच्चाधिकारियों के निर्देशों का पालन नहीं करना।
- विभाग की ओर से जारी कई नोटिसों का जवाब नहीं देना।
चार्जशीट के अनुसार, कंपनी को अंततः 12 सितंबर 2025 को ब्लैकलिस्ट किया गया, जबकि इससे पहले कई बार कार्रवाई के निर्देश दिए जा चुके थे।
चीफ इंजीनियर ने आरोपों से किया इनकार
चीफ इंजीनियर सूरजभान सिंह ने सभी आरोपों को गलत बताया है। उनका कहना है कि संबंधित फर्म ने आधे से अधिक कार्य पूरे किए थे और केवल किए गए कार्य का ही भुगतान किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि मामला सामने आने के बाद नियमानुसार फर्म को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया था।
फर्म संचालक का पक्ष
नितानंद शिक्षा समिति के संचालक राजेश शर्मा ने कहा कि सरकार की ओर से लगाए गए आरोपों का जवाब संबंधित विभाग को दिया जाएगा। उन्होंने मामले पर विस्तृत टिप्पणी करने से इनकार किया।
क्या है अटल भूजल योजना?
अटल भूजल योजना की शुरुआत 25 दिसंबर 2019 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर की थी। इस योजना का उद्देश्य जल संकटग्रस्त क्षेत्रों में भूजल प्रबंधन को बेहतर बनाना और जल संरक्षण को बढ़ावा देना है।
जल जीवन मिशन घोटाले के बाद फिर उठे सवाल
राजस्थान में इससे पहले जल जीवन मिशन (JJM) में भी कथित वित्तीय अनियमितताओं का मामला सामने आ चुका है। ऐसे में अटल भूजल योजना में सामने आए इस प्रकरण ने सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता और निगरानी व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।