बारां जिले के एक युवा लोकल गायक कलाकार ने कथित तौर पर कर्ज और मानसिक प्रताड़ना से परेशान होकर जहरीला पदार्थ (सेल्फॉस) खाकर आत्महत्या कर ली। 25 वर्षीय कुलदीप महावर ने मौत से पहले एक सुसाइड नोट भी छोड़ा, जिसमें उसने तीन लोगों के नाम लिखते हुए खुद को परेशान किए जाने का आरोप लगाया। इलाज के दौरान उसे पहले बारां जिला अस्पताल और बाद में कोटा रेफर किया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
यह मामला बारां शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र का है। गुरुवार को परिजनों की मौजूदगी में पोस्टमार्टम के बाद शव उन्हें सौंप दिया गया। पुलिस ने सुसाइड नोट को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।
सुसाइड नोट में लिखी दर्दभरी बातें
पुलिस के अनुसार कुलदीप महावर ने अपने सुसाइड नोट में लिखा कि कुछ लोगों ने उसे इतना परेशान कर दिया कि उसके पास कोई रास्ता नहीं बचा। उसने लिखा कि उसके पास पैसे नहीं हैं और किसी ने उसका साथ नहीं दिया। नोट में उसने बंटी सुमन, अंकुश शर्मा और हेमंत राव के नाम लिखे हैं। साथ ही अपने परिवार के लिए भावुक संदेश लिखते हुए सभी से "अलविदा" कहा।
दोस्त के घर पहुंचा, फिर बिगड़ी तबीयत
मृतक के दोस्त विनोद ने बताया कि कुलदीप बुधवार सुबह करीब साढ़े 10 बजे उसके घर आया था। उसने कहा कि उसका ब्लड प्रेशर कम हो रहा है और 50 रुपये देकर ईनो मंगवाया। कुछ देर बाद उसके मुंह से झाग निकलने लगे। तब उसने बताया कि उसने सेल्फॉस खा लिया है और तुरंत अस्पताल ले चलने को कहा।
इसके बाद परिजनों को सूचना देकर कुलदीप को बारां जिला अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टरों के पूछने पर उसने जहरीला पदार्थ खाने की बात स्वीकार की। हालत गंभीर होने पर उसे शाम करीब 5 बजे कोटा रेफर किया गया, लेकिन वहां पहुंचते ही उसकी मौत हो गई।
मां ने बताया- कई दिनों से था परेशान
मृतक की मां ममता ने बताया कि कुलदीप पिछले तीन-चार दिनों से काफी तनाव में था। कई बार पूछने पर भी उसने परेशानी की वजह नहीं बताई। सुसाइड नोट पढ़ने के बाद परिवार को पता चला कि उसने करीब तीन से चार लाख रुपये का कर्ज लिया हुआ था।
उन्होंने बताया कि कुलदीप जागरण और धार्मिक कार्यक्रमों में भजन गाकर अपना गुजारा करता था। उसके पास गाने-बजाने के उपकरण थे, जिन्हें कुछ दिन पहले कुछ लोग जबरन ले गए थे। इसके अलावा उसे लगातार फोन पर धमकियां भी मिल रही थीं, जिससे वह मानसिक रूप से काफी परेशान था।
पुलिस ने शुरू की जांच
बारां कोतवाली थाना के एएसआई जमनालाल ने बताया कि अस्पताल से जहर खाने की सूचना मिलने पर पुलिस ने मामला दर्ज किया था। युवक की इलाज के दौरान कोटा में मौत हो गई। परिजनों की रिपोर्ट और बरामद सुसाइड नोट को जांच का हिस्सा बनाया गया है। पुलिस सभी तथ्यों की जांच कर रही है और सुसाइड नोट में लिखे गए आरोपों की भी पड़ताल की जाएगी।