निजी कंपनियों के लंबित बिल पास कराने की एवज में रिश्वत लेने के दो अलग-अलग मामलों में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने बड़ी कार्रवाई की है। CBI ने उत्तर पश्चिम रेलवे (NWR) के 5 अधिकारियों और निजी कंपनियों के 2 कर्मचारियों सहित कुल 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

कार्रवाई के दौरान ट्रैप में ₹2.66 लाख की रिश्वत राशि बरामद की गई, जबकि जयपुर और दिल्ली में की गई तलाशी के दौरान ₹9 लाख नकद, कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए गए हैं।

बीकानेर: ₹48 करोड़ का बिल अटकाकर मांगी थी रिश्वत

बीकानेर में एक निजी फर्म का ₹48 करोड़ का बिल पास कराने की एवज में रिश्वत मांगी गई थी। CBI ने ढोला मारू के सामने स्थित रेलवे के कंस्ट्रक्शन विंग में जाल बिछाकर कार्रवाई की:

  • गिरफ्तार अधिकारी/कर्मचारी: सीनियर सेक्शन ऑफिसर (SSO) राजेंद्र चौधरी, लेखा सहायक राकेश कुमार और एमआरटी सिग्नल्स लिमिटेड के कर्मचारी नवल किशोर।

  • रिश्वत राशि: ₹1.20 लाख की घूस लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया।

जयपुर: ₹1.46 लाख की रिश्वत लेते पकड़े गए अफसर

जयपुर में निजी कंपनियों से सांठगांठ कर बिल पास कराने के एवज में रिश्वतखोरी का खेल चल रहा था। CBI ने यहां जाल बिछाकर निम्नलिखित आरोपियों को गिरफ्तार किया:

  • गिरफ्तार अधिकारी/कर्मचारी: ऑफिस सुपरिंटेंडेंट संगीता कुमारी, असिस्टेंट, सीनियर एसओ सुनील कुमार सांघी और दिनेश इंजीनियर्स लिमिटेड के कर्मचारी गौरव गुप्ता।

  • बरामदगी: आरोपियों को ₹1.46 लाख की रिश्वत लेते हुए मौके पर ही पकड़ा गया।

13 अगस्त को दर्ज हुआ था मामला

CBI ने इन दोनों प्रकरणों में 13 अगस्त को प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की थी। जांच एजेंसी अब पूर्व में पास किए गए विभिन्न बिलों के लेन-देन, रेलवे अधिकारियों और निजी कंपनियों के बीच सांठगांठ के विस्तृत नेटवर्क की जांच कर रही है।