राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की असिस्टेंट माइनिंग इंजीनियर-2024 भर्ती प्रक्रिया में बड़ा साइबर फर्जीवाड़ा सामने आया है। भर्ती पोर्टल में अनधिकृत तरीके से प्रवेश कर तीन अभ्यर्थियों के ऑनलाइन आवेदन विड्रॉ करने का मामला उजागर हुआ है।

इस गंभीर मामले को लेकर आयोग के उप निदेशक (आईटी) एवं एनालिस्ट-कम-प्रोग्रामर रघुवीर गुर्जर ने साइबर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

कैसे सामने आया मामला

अभ्यर्थी रवि कुमार को 29 दिसंबर 2025 को शाम 7:32 बजे एसएमएस मिला कि उनका आवेदन उनके अनुरोध पर वापस ले लिया गया है। जबकि उनका दावा है कि उन्होंने कभी आवेदन विड्रॉ करने का कोई अनुरोध नहीं किया।

शिकायत के बाद आयोग ने जांच की तो पाया कि उस दिन भर्ती पोर्टल पर आवेदन विड्रॉ करने की कोई आधिकारिक विंडो खुली ही नहीं थी।

पोर्टल में अनधिकृत एंट्री का खुलासा

जांच में सामने आया कि 29 दिसंबर 2025 को शाम 6:16 बजे एक नया यूजर क्रिएट किया गया था, जिसके जरिए तीन अभ्यर्थियों के आवेदन विड्रॉ किए गए।

तकनीकी जांच में ई-मेल आईडी, एसएसओ आईडी और आईपी एड्रेस का भी पता चला है, जिसके आधार पर आगे की जांच की जा रही है।

भर्ती प्रक्रिया पर सवाल

एफआईआर में कहा गया है कि इस तरह की अनधिकृत गतिविधि से भर्ती प्रक्रिया की शुचिता प्रभावित हुई है और अभ्यर्थियों के निजी डेटा की सुरक्षा भी खतरे में पड़ गई है। आशंका जताई गई है कि किसी अन्य अभ्यर्थी को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से यह साजिश की गई हो सकती है।

जांच जारी

साइबर थाना पुलिस अब उस व्यक्ति या गिरोह की पहचान में जुटी है जिसने रिक्रूटमेंट पोर्टल में सेंध लगाई। मामले को गंभीर साइबर अपराध मानते हुए विस्तृत जांच की जा रही है।