अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में डकैत जगन गुर्जर की हत्या के बाद उसके भाई पप्पू गुर्जर की सुरक्षा को लेकर उठ रही चिंताओं के बीच प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। मंगलवार सुबह करीब 9 बजे पप्पू गुर्जर को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल से दौसा सेंट्रल जेल शिफ्ट कर दिया गया।
इस शिफ्टिंग के लिए जेल प्रशासन ने पहले से ही जिला पुलिस से अतिरिक्त पुलिस बल की मांग की थी। मंगलवार सुबह अतिरिक्त सुरक्षा बल उपलब्ध होने के बाद पूरे सुरक्षा इंतजामों के साथ पप्पू गुर्जर को रवाना किया गया।
सोमवार को जारी हुए थे ट्रांसफर के आदेश
जेल प्रशासन के अनुसार, सोमवार को मुख्यालय की ओर से पप्पू गुर्जर के ट्रांसफर के आदेश जारी किए गए थे। इसके बाद पूरी प्रक्रिया को गोपनीय रखते हुए सुरक्षा की विस्तृत योजना बनाई गई।
अजमेर जेल अधीक्षक पारस जांगिड़ ने बताया कि आदेश मिलते ही जिला पुलिस से अतिरिक्त जाप्ता मांगा गया था। मंगलवार सुबह पुलिस बल मिलने के बाद पप्पू गुर्जर को सुरक्षित रूप से दौसा सेंट्रल जेल पहुंचा दिया गया।
जगन गुर्जर की हत्या के बाद बढ़ी थी सुरक्षा की चिंता
गौरतलब है कि 29 जून को अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल के अंदर ही डकैत जगन गुर्जर की हत्या कर दी गई थी। हत्या का आरोप भरतपुर के चर्चित कुलदीप जघीना हत्याकांड के आरोपी विष्णु पर है।
आरोप है कि विष्णु ने तौलिए से गला दबाकर जगन गुर्जर की हत्या कर दी थी। इस घटना के बाद जेल सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हुए थे।
जगन की हत्या के बाद उसके भाई पप्पू गुर्जर की जान को भी खतरा बताया जा रहा था। इसी वजह से परिजन लगातार उसे दूसरी जेल में शिफ्ट करने की मांग कर रहे थे।
ग्रामीणों और परिजनों ने किया था आंदोलन का ऐलान
जगन गुर्जर की हत्या के बाद परिजनों और डांग क्षेत्र के ग्रामीणों ने प्रशासन के सामने पांच प्रमुख मांगें रखी थीं। मांगें पूरी नहीं होने पर 12 जुलाई को जगन की बारहवीं के बाद बड़े आंदोलन की चेतावनी दी गई थी।
भवुतीपुरा गांव में आयोजित सभा के दौरान बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। भीड़ इतनी अधिक हो गई कि कई लोग पेड़ों पर चढ़कर कार्यक्रम देखने लगे। इसके बाद ग्रामीणों ने बाड़ी की ओर कूच करने की तैयारी भी कर ली थी।
प्रशासन ने बातचीत कर शांत कराया मामला
स्थिति को बिगड़ता देख धौलपुर जिला प्रशासन सक्रिय हुआ। धौलपुर कलेक्टर श्रीनिधि बीटी और पुलिस अधीक्षक ने देर रात गजपुरा चौराहे पर प्रदर्शनकारियों से बातचीत की।
बातचीत के दौरान ग्रामीणों की पांच प्रमुख मांगों पर सहमति बनी। साथ ही बाड़ी थाना प्रभारी (SHO) देवेंद्र शर्मा को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया गया। इसके बाद प्रदर्शनकारी और ग्रामीण शांतिपूर्वक अपने गांव भवुतीपुरा लौट गए।
4 जुलाई को बिगड़ी थी पप्पू गुर्जर की तबीयत
जगन की हत्या के कुछ दिनों बाद 4 जुलाई को अजमेर जेल में बंद पप्पू गुर्जर की तबीयत अचानक खराब हो गई थी। खाना खाने के बाद उसने सीने में दर्द की शिकायत की।
जेल चिकित्सक द्वारा प्राथमिक उपचार देने के बाद उसे देर रात 10:45 बजे भारी पुलिस सुरक्षा के बीच जवाहरलाल नेहरू (JLN) अस्पताल ले जाया गया। मेडिकल जांच के बाद उसी रात उसे वापस जेल भेज दिया गया था।
क्या है पूरा मामला?
- 29 जून को अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में जगन गुर्जर की हत्या हुई।
- हत्या के बाद पप्पू गुर्जर की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई।
- परिजनों और ग्रामीणों ने जेल बदलने सहित पांच मांगें रखीं।
- आंदोलन की चेतावनी के बाद प्रशासन ने मांगों पर चर्चा की।
- सोमवार को ट्रांसफर आदेश जारी हुए।
- मंगलवार सुबह कड़ी सुरक्षा के बीच पप्पू गुर्जर को दौसा सेंट्रल जेल शिफ्ट कर दिया गया।