जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट से जेद्दा के लिए रवाना हुई फ्लाइनास एयरलाइंस की एक फ्लाइट शनिवार देर रात बर्ड हिट का शिकार हो गई। उड़ान भरने के कुछ मिनट बाद विमान से पक्षी टकराने की घटना सामने आने पर एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) ने एहतियातन फ्लाइट को वापस जयपुर बुला लिया। करीब 30 मिनट बाद विमान की सुरक्षित लैंडिंग करवाई गई।
जानकारी के अनुसार सऊदी अरब की लो-कॉस्ट एयरलाइन फ्लाइनास की फ्लाइट शनिवार रात 8:25 बजे जेद्दा से हाजियों को लेकर जयपुर पहुंची थी। यात्रियों को उतारने के बाद विमान रात 10:10 बजे खाली जेद्दा के लिए रवाना हुआ। उड़ान के कुछ ही मिनट बाद पायलट ने विमान से पक्षी टकराने की सूचना ATC को दी।
ATC ने तुरंत लिया फैसला
बर्ड हिट की जानकारी मिलते ही एयर ट्रैफिक कंट्रोल ने सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए विमान को वापस जयपुर एयरपोर्ट लौटने के निर्देश दिए। इसके बाद रात 10:40 बजे विमान की सुरक्षित लैंडिंग करवाई गई।
तकनीकी टीम ने की विस्तृत जांच
विमान के वापस उतरने के बाद एयरपोर्ट की इंजीनियरिंग और तकनीकी टीम ने प्रभावित हिस्सों का गहन निरीक्षण किया। बर्ड हिट के कारण किसी तरह के तकनीकी नुकसान की जांच की गई। सभी सुरक्षा मानकों पर विमान को सुरक्षित पाए जाने के बाद उसे आगे की उड़ान के लिए मंजूरी दी गई।
तकनीकी जांच पूरी होने के बाद फ्लाइट रात 1:05 बजे दोबारा जेद्दा के लिए रवाना हुई।
क्यों खतरनाक होता है बर्ड हिट?
विशेषज्ञों के अनुसार बर्ड हिट किसी भी विमान के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। पक्षी के इंजन, विंग या विंडशील्ड से टकराने पर तकनीकी क्षति की आशंका रहती है। बर्ड हिट की गंभीरता मुख्य रूप से चार कारकों पर निर्भर करती है—
- पक्षी का वजन
- पक्षी का आकार
- पक्षी की उड़ान गति
- टकराव के समय पक्षी की दिशा
यदि पक्षी विमान के इंजन में चला जाए तो स्थिति और अधिक गंभीर हो सकती है।
दुनिया भर में रोजाना सामने आते हैं मामले
इंटरनेशनल सिविल एविएशन ऑर्गेनाइजेशन (ICAO) के सर्वे के अनुसार दुनिया भर में प्रतिदिन औसतन 34 बर्ड हिट की घटनाएं दर्ज होती हैं। हालांकि करीब 92 प्रतिशत मामलों में विमान को कोई बड़ा नुकसान नहीं पहुंचता, लेकिन सुरक्षा कारणों से हर घटना को गंभीरता से लिया जाता है।
एयरपोर्ट पर ऐसे रोके जाते हैं बर्ड हिट
दुनिया के कई एयरपोर्ट पक्षियों को रनवे और उड़ान मार्ग से दूर रखने के लिए विशेष तकनीकों का उपयोग करते हैं। इनमें हाई-पावर स्पीकर, लेजर गन और प्रशिक्षित बर्ड कंट्रोल टीमों की मदद ली जाती है ताकि विमानों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।