बाड़मेर जिला कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित दिशा समिति की बैठक में स्वास्थ्य विभाग के कामकाज को लेकर जमकर सवाल उठे। सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल, शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी, बायतु विधायक हरीश चौधरी और बाड़मेर विधायक डॉ. प्रियंका चौधरी ने CMHO विष्णुराम विश्नोई से स्वास्थ्य सेवाओं, अधूरी बिल्डिंगों, टेंडर प्रक्रिया और प्रशासनिक कार्यप्रणाली को लेकर तीखे सवाल किए।

करीब छह घंटे चली बैठक में स्वास्थ्य विभाग सबसे ज्यादा निशाने पर रहा। कई मुद्दों पर CMHO संतोषजनक जवाब नहीं दे सके, जिसके बाद जनप्रतिनिधियों ने नाराजगी जताई।

अधूरी बिल्डिंग के हैंडओवर पर घिरे CMHO

शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने मगरा गांव के उप स्वास्थ्य केंद्र भवन का मुद्दा उठाते हुए कहा कि निर्माण कार्य पूरा हुए बिना ही भवन का हैंडओवर दिखा दिया गया है।

भाटी ने जियो टैगिंग वाली तस्वीरें दिखाते हुए कहा कि भवन का काम अभी भी अधूरा है, फिर रिपोर्ट में इसे चालू और हैंडओवर कैसे दर्शाया गया। इस पर CMHO ने कहा कि संभवतः गलत सूचना आ गई होगी।

वहीं सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल ने सवाल किया कि यदि रिपोर्ट गलत है तो इसकी जिम्मेदारी किसकी है और ऐसी कितनी अन्य बिल्डिंगें हैं जिन्हें अधूरा होने के बावजूद हैंडओवर दिखाया गया है।

कलेक्टर ने दोबारा जांच के दिए निर्देश

मामले को गंभीर मानते हुए जिला कलेक्टर चिन्मयी गोपाल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पूरे मामले की दोबारा जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट की जाए।

कलेक्टर ने कहा कि यह भी जांचा जाए कि रिपोर्ट में गलती कैसे हुई और संबंधित अधिकारियों की भूमिका क्या रही।

76 लाख के टेंडर पर भी उठे सवाल

सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल ने स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रचार-प्रसार के लिए दिए गए करीब 76 लाख रुपए के टेंडर का मुद्दा भी उठाया।

उन्होंने आरोप लगाया कि स्वास्तिक प्रिंटर्स नामक फर्म को नियमों की अनदेखी कर टेंडर दिया गया और कार्य की गुणवत्ता तथा अनुभव को लेकर गंभीर सवाल हैं।

सांसद ने कहा कि कई शिकायतें मिली हैं कि टेंडर के अनुरूप कार्य नहीं हुआ और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

दिव्यांगों को प्रमाण पत्र के लिए भटकना पड़ रहा

विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग प्रचार-प्रसार पर लाखों रुपए खर्च कर रहा है, लेकिन दिव्यांगों को प्रमाण पत्र बनवाने के लिए जोधपुर तक चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।

उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी स्थिति सुधारने और ग्रामीण क्षेत्रों में सुविधाएं बढ़ाने की मांग की।

बायतु अस्पताल और क्वार्टर निर्माण का मुद्दा

बायतु विधायक हरीश चौधरी ने उप जिला अस्पताल भवन निर्माण पूरा होने के बावजूद स्वास्थ्य सेवाएं शुरू नहीं होने पर सवाल उठाए।

उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के क्वार्टर स्वीकृत होने के बावजूद निर्माण कार्य लंबित है, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार में बाधा आ रही है।

बाइपास रिंग रोड निर्माण में अनियमितता का मामला

बैठक में बाड़मेर शहर की बाइपास रिंग रोड के निर्माण कार्य में कथित अनियमितताओं का मुद्दा भी उठा।

पीडब्ल्यूडी अधिकारियों ने स्वीकार किया कि विभागीय जांच में सड़क की ऊंचाई निर्धारित मानकों से करीब पांच से छह इंच कम पाई गई है। इसके बाद जनप्रतिनिधियों ने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

फर्जी पट्टे और अवैध निर्माण भी चर्चा में

सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल ने सरकारी जमीनों पर अतिक्रमण, फर्जी पट्टों और अवैध बहुमंजिला इमारतों का मुद्दा भी उठाया।

उन्होंने नगर परिषद अधिकारियों से पूछा कि अवैध निर्माणों और फायर एनओसी के बिना संचालित भवनों के खिलाफ अब तक क्या कार्रवाई की गई है।

कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने और आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

कई मुद्दों पर नहीं दे सके स्पष्ट जवाब

बैठक के बाद सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग से जुड़े कई मामलों में CMHO स्पष्ट जवाब नहीं दे पाए। दवा वितरण, प्रचार-प्रसार, टेंडर प्रक्रिया और अधूरी इमारतों के मामलों में गंभीर सवाल उठे हैं, जिनकी जांच कराई जाएगी।

दिशा समिति की बैठक में उठे इन मुद्दों के बाद अब स्वास्थ्य विभाग और नगर परिषद की कार्यशैली पर प्रशासनिक कार्रवाई और जांच की संभावना बढ़ गई है।