राजस्थान का डीडवाना शहर सदियों से अपनी ऐतिहासिक नमक झील और पारंपरिक नमक उत्पादन के लिए विश्व प्रसिद्ध रहा है। सांभर झील के बाद यह प्रदेश की दूसरी सबसे बड़ी खारे पानी की झील है। मध्यकाल से लेकर आज तक यह झील स्थानीय अर्थव्यवस्था और हज़ारों परिवारों की रोज़ी-रोटी का मुख्य आधार बनी हुई है। हालांकि, अब इस ऐतिहासिक धरोहर को केवल एक औद्योगिक पहचान तक सीमित न रखकर एक आधुनिक पर्यटन केंद्र (Tourist Spot) के रूप में विकसित करने की तैयारी शुरू हो चुकी है।

पंचगौरव योजना के तहत ₹4 करोड़ का मास्टर प्लान

डीडवाना जिला प्रशासन और नगर परिषद ने झील के सौंदर्यीकरण और पर्यटन विकास के लिए पंचगौरव योजना के तहत करीब 4 करोड़ रुपये की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार कर राज्य सरकार को मंजूरी के लिए भेजी है।

इस योजना का उद्देश्य झील के प्राकृतिक वातावरण को नुकसान पहुँचाए बिना पर्यटकों के लिए अत्याधुनिक सुविधाएं विकसित करना है।

परियोजना की मुख्य विशेषताएं:

  • पाथ-वे और रनिंग ट्रैक: झील के पूर्वी छोर पर एक सुव्यवस्थित पाथ-वे और रनिंग ट्रैक का निर्माण किया जाएगा, जहाँ पर्यटक और स्थानीय निवासी प्रकृति के बीच टहल सकेंगे।

  • स्मार्ट एम्बियंस लाइटिंग: ट्रैक के चारों ओर आकर्षक लाइटिंग लगाई जाएगी, जिससे रात के समय झील की सुंदरता और निखर कर आएगी।

  • कृत्रिम टापू (Artificial Island): झील के पानी के बीचों-बीच एक कृत्रिम टापू बनाया जाएगा, जो पर्यटकों के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र होगा। यहाँ से पूरी झील का मनोरम नज़ारा देखा जा सकेगा।

  • सनराइज़, सनसेट व सेल्फी पॉइंट्स: प्राकृतिक दृश्यों का आनंद लेने के लिए विशेष व्यू पॉइंट्स और युवाओं के लिए अट्रैक्टिव सेल्फी पॉइंट्स बनाए जाएँगे।

  • चौपाटी और बाल क्रीड़ा स्थल: झील किनारे खान-पान के लिए चौपाटी और बच्चों के लिए झूले व पार्क विकसित किए जाएँगे।

स्थानीय व्यापार और रोज़गार को मिलेगी नई उड़ान

राज्य सरकार से इस ₹4 करोड़ की योजना को मंज़ूरी मिलते ही डीडवाना को अपना पहला बड़ा और संगठित पर्यटन स्थल मिल जाएगा। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन के इस कदम का ज़बरदस्त स्वागत किया है। बरसों से शहर में एक अच्छे टूरिस्ट स्पॉट की माँग की जा रही थी।

डीडवाना अब सिर्फ़ नमक उत्पादन की स्थली नहीं, बल्कि राजस्थान के पर्यटन मानचित्र पर चमकता हुआ एक नया सितारा बनने की राह पर है।