जैसलमेर जिले के बडोड़ा गांव स्थित मरुधरा ग्रामीण बैंक में शुक्रवार सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब बैंक के अंदर करीब 5 फीट लंबा जहरीला कोबरा मिलने से कर्मचारियों और ग्रामीणों में दहशत फैल गई। राहत की बात यह रही कि समय रहते सांप का सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया और उसे जंगल में छोड़ दिया गया।
सुबह बैंक कर्मचारी रोजाना की तरह काम पर पहुंचे। बैंक का शटर खोलते ही उनकी नजर फर्श पर पड़ी कोबरा की केंचुली पर गई। बैंक परिसर में केंचुली मिलने से कर्मचारियों को किसी बड़े खतरे की आशंका हुई। इसके बाद उन्होंने तुरंत बैंक में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली।
सीसीटीवी फुटेज में साफ दिखाई दिया कि एक बड़ा कोबरा शटर के नीचे बने छोटे से गैप से बैंक के अंदर घुसा। कुछ देर तक वह बैंक के अंदर घूमता रहा और फिर वॉशबेसिन के पास बनी नाली में जाकर छिप गया। कर्मचारियों ने नाली के पास हलचल देखी तो ध्यान से निरीक्षण किया। इस दौरान नाली के अंदर कोबरा का सिर दिखाई दिया, जिससे सभी घबरा गए।
घटना की सूचना तुरंत जैसलमेर के स्नेक कैचर प्रेम चौधरी को दी गई। सूचना मिलते ही वे मौके पर पहुंचे और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। शुरुआत में कोबरा नाली के अंदर गहराई में बैठा हुआ था और केवल उसका सिर ही दिखाई दे रहा था। इसी दौरान किसी व्यक्ति ने नाली में पानी डाल दिया, जिससे घबराकर सांप पाइप के और अंदर चला गया। इससे रेस्क्यू और भी चुनौतीपूर्ण हो गया।
स्नेक कैचर प्रेम चौधरी ने धैर्य और सावधानी से करीब एक घंटे तक लगातार प्रयास किए। आखिरकार उन्होंने कोबरा को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। रेस्क्यू पूरा होते ही बैंक कर्मचारियों और वहां मौजूद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।
स्नेक कैचर ने बताया कि बरसात के मौसम में सांप अक्सर सुरक्षित और ठंडी जगह की तलाश में घरों, दफ्तरों और सार्वजनिक भवनों में घुस जाते हैं। ऐसे में सांप दिखाई देने पर घबराने या उसे मारने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। तुरंत प्रशिक्षित स्नेक रेस्क्यू टीम को सूचना देनी चाहिए, ताकि सांप और लोगों दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
रेस्क्यू के बाद कोबरा को सुरक्षित उसके प्राकृतिक आवास यानी जंगल में छोड़ दिया गया। इस पूरी घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें कोबरा के बैंक के अंदर प्रवेश करने का दृश्य साफ दिखाई दे रहा है।