टोंक में नगर परिषद के ठेकेदार पवन गर्ग की हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा करते हुए उनके बचपन के दोस्त और ज्वेलर राकेश ताम्बी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस जांच में सामने आया कि आर्थिक तंगी और कर्ज के दबाव में आरोपी ने हत्या की साजिश रची थी।
टोंक एसपी रोशन मीणा ने बताया कि आरोपी राकेश ताम्बी निवासी कंपू (टोंक) को पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया गया। आरोपी ने पवन गर्ग से करीब 15 दिन पहले 5 लाख रुपए उधार मांगे थे, लेकिन पवन ने रुपए देने से मना कर दिया। इसी बात को लेकर आरोपी ने हत्या की योजना बनाई।
पुलिस के अनुसार, 19 जून की रात राकेश ने पवन गर्ग को शराब पार्टी के बहाने उनकी दुकान के ऊपर बने कमरे में बुलाया। वह अपने साथ बीयर, एक छोटी कुल्हाड़ी और रस्सी लेकर पहुंचा था। शराब पीने के दौरान मौका पाकर उसने पीछे से कुल्हाड़ी से कई वार किए और बाद में रस्सी से गला घोंटकर पवन की हत्या कर दी।
हत्या के बाद आरोपी पवन गर्ग की सोने की चेन और अंगूठी लेकर फरार हो गया। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर दोनों आभूषण बरामद कर लिए हैं। हालांकि, हत्या में इस्तेमाल कुल्हाड़ी और रस्सी की बरामदगी अभी नहीं हो सकी है। पुलिस का कहना है कि आरोपी उनकी लोकेशन को लेकर गुमराह करने की कोशिश कर रहा है।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी राकेश ताम्बी ने 11 लोगों से करीब 56 लाख रुपए उधार ले रखे थे और वह लंबे समय से आर्थिक संकट से जूझ रहा था। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) में निवेश के दौरान उसे भारी नुकसान हुआ था, जिसके बाद उसकी आर्थिक स्थिति लगातार बिगड़ती चली गई।
पुलिस को शक तब गहरा हुआ जब हत्या की सूचना के बाद सभी परिचित और रिश्तेदार मौके पर पहुंचे, लेकिन बचपन का दोस्त राकेश वहां नहीं आया। सीसीटीवी फुटेज में भी वह वारदात के बाद मुंह पर रूमाल बांधकर जाते हुए दिखाई दिया। मोबाइल लोकेशन और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने उसे आधी रात के बाद उसके घर से हिरासत में ले लिया।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि करीब 25-30 साल पहले पवन गर्ग ने कारोबार शुरू करने के दौरान राकेश से आर्थिक मदद ली थी और बाद में पूरी रकम लौटा दी थी। दोनों के बीच वर्षों पुरानी दोस्ती थी, लेकिन आर्थिक संकट और कर्ज के दबाव ने इस रिश्ते को एक खौफनाक अपराध में बदल दिया।
फिलहाल पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है और हत्या में इस्तेमाल हथियार व अन्य साक्ष्यों की तलाश जारी है।