राजस्थान सरकार के कैबिनेट मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने नकली बीज मामले को लेकर अपने ऊपर लगे आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने साफ कहा कि यदि इस मामले में उनका "सुई की नोक के बराबर" भी लेना-देना पाया गया तो वे तुरंत मंत्री पद छोड़ देंगे।
अलवर में केंद्र सरकार के 12 साल के विकास कार्यों पर आधारित प्रदर्शनी के अवलोकन के बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि नकली बीज मामले में करीब-करीब कार्रवाई हो चुकी है, लेकिन अभी भी कुछ आरोपी बच गए हैं जिन पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
डॉ. मीणा ने कहा कि रीट, आरएएस, एसआई और पेपर लीक मामलों में शामिल “बड़े मगरमच्छों” की गिरफ्तारी होनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर इन मामलों में संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई तो वे बड़ा कदम उठा सकते हैं, जिसकी घोषणा बाद में करेंगे।
उन्होंने कहा कि नकली बीज, खाद और अन्य घोटालों में सरकार ने कई आरोपियों को पकड़ा है, लेकिन जांच पूरी ईमानदारी से होनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका लड़ाई सरकार के खिलाफ नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार और माफियाओं के खिलाफ है।
विपक्ष द्वारा लगाए जा रहे भ्रष्टाचार के आरोपों पर उन्होंने कहा कि अगर कोई भी नेता—चाहे डोटासरा हों या गहलोत—उन पर एक भी ठोस प्रमाण दे देते हैं तो वे इस्तीफा देने को तैयार हैं।
नकली बीज मामले में उन्होंने कहा कि एसीबी की जांच के आधार पर आगे कार्रवाई होगी और यदि सैंपल फेल होता है तो एफआईआर दर्ज कर बीज को नष्ट किया जाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि राजस्थान में पहली बार नकली खाद, बीज और बायो फ्यूल के बड़े मामलों का खुलासा हुआ है, और इस आधार पर केंद्र सरकार भी सख्त कानून लाने पर विचार कर रही है।
सरकार पर अंकुश लगाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि ऐसा कुछ नहीं है, लेकिन यदि रीट, आरएएस और अन्य पेपर लीक मामलों में कार्रवाई नहीं हुई तो वे बड़ा कदम उठाने को मजबूर होंगे।