जयपुर में बन रही एक बस का मध्यप्रदेश में नियमों की अनदेखी करते हुए रजिस्ट्रेशन किए जाने का गंभीर मामला सामने आया है। बिना भौतिक निरीक्षण, बिना आवश्यक सुरक्षा जांच और AIS-153 जैसे मानकों की पुष्टि के रजिस्ट्रेशन होने पर परिवहन विभाग ने सख्त रुख अपनाया है।
इस मामले में आरटीओ प्रथम राजेंद्र सिंह शेखावत के निर्देश पर परिवहन निरीक्षक राम सिंह मीणा ने गलता गेट थाने में बस बॉडी बिल्डर मुबिन पुत्र यासिन और वाहन मालिक अभिमन्यु चौधरी के खिलाफ अलग-अलग धाराओं में मामला दर्ज करवाया है।
गंभीर धाराओं में केस दर्ज
पुलिस ने जिन धाराओं में मामला दर्ज किया है उनमें आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, जालसाजी, महत्वपूर्ण दस्तावेजों की फर्जीवाड़ा और फर्जी दस्तावेजों के उपयोग जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं। मामले में यह भी कहा गया है कि इस तरह की लापरवाही से यात्रियों की जान को खतरा हो सकता था।
कैसे सामने आया मामला
जांच के दौरान दिल्ली रोड स्थित एक बस बॉडी बिल्डर के यहां दो बसें निर्माणाधीन पाई गईं, जिनके वाहन नंबर MP44-ZG-9465 और MP44-ZG-9565 हैं। हैरानी की बात यह है कि इन बसों का रजिस्ट्रेशन पहले ही मध्यप्रदेश के नीमच में कर दिया गया था, जबकि वाहन पूरी तरह तैयार भी नहीं हुए थे।
नियमों के अनुसार किसी भी बस का रजिस्ट्रेशन तभी किया जा सकता है जब उसका निर्माण पूरा हो, भौतिक निरीक्षण हो और सभी सुरक्षा मानकों की पुष्टि कर ली जाए।
सुरक्षा मानकों की अनदेखी का आरोप
परिवहन विभाग के अनुसार AIS-052 और AIS-153 जैसे सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई है, जो बसों की संरचनात्मक मजबूती और यात्री सुरक्षा के लिए अनिवार्य हैं। बिना इन जांचों के रजिस्ट्रेशन करना गंभीर लापरवाही माना जा रहा है।
मध्यप्रदेश आरटीओ की भूमिका भी जांच में
अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि नीमच डीटीओ की भूमिका की भी जांच की जाएगी कि किस आधार पर बिना भौतिक निरीक्षण के रजिस्ट्रेशन किया गया। साथ ही रजिस्ट्रेशन निरस्त करने के लिए मध्यप्रदेश परिवहन विभाग को पत्र भेजा जाएगा।
विभाग की सख्त कार्रवाई
परिवहन विभाग ने साफ किया है कि यात्री सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मामले के सामने आने के बाद विभाग ने जांच तेज कर दी है।