राजस्थान में मानसून का मिला-जुला और विपरीत असर देखने को मिल रहा है। एक तरफ पूर्वी राजस्थान के कई जिलों में मूसलाधार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है, तो दूसरी तरफ पश्चिमी राजस्थान में मानसून कमजोर पड़ने से लोगों को भीषण गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। राजधानी जयपुर समेत पूर्वी हिस्से के कई जिलों में भारी बारिश के चलते भयंकर जलभराव की स्थिति पैदा हो गई है, जिससे यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
जयपुर से अलवर तक पानी-पानी, कॉलोनियां और बाजार जलमग्न
बीते 24 घंटों के दौरान जयपुर, अलवर, धौलपुर, करौली, भरतपुर, सवाई माधोपुर, दौसा और खैरथल-तिजारा जिलों में जोरदार बारिश दर्ज की गई है। राजधानी जयपुर में बारिश का आलम यह रहा कि जेएलएन मार्ग और मोती डूंगरी जैसी प्रमुख सड़कें पानी में डूब गईं।
वहीं, अलवर जिले के नवगठित खैरथल-तिजारा में भारी बारिश के कारण कई इलाके पूरी तरह से पानी में डूब गए। किशनगढ़बास कस्बे में स्थिति और भी खराब नजर आई, जहां मुख्य बाजार, सड़कें, आवासीय कॉलोनियां और निचले इलाकों में पानी भर गया, जिससे स्थानीय लोगों और व्यापारियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
अगले 2-3 दिन कैसा रहेगा मौसम? (IMD अलर्ट)
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, पूर्वी राजस्थान में बारिश का यह दौर अभी थमेगा नहीं। अगले 2-3 दिन (26 अगस्त तक) पूर्वी राजस्थान के कुछ भागों में बारिश की गतिविधियों में और बढ़ोतरी होने की संभावना है। कई स्थानों पर भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा, उदयपुर और अजमेर संभाग के कुछ हिस्सों में भी छिटपुट से लेकर हल्की बारिश होने की संभावना जताई गई है।
पश्चिमी राजस्थान में सताएगी गर्मी, 38 डिग्री तक पहुंचेगा पारा
एक ओर जहां पूर्वी राजस्थान में बाढ़ जैसे हालात बन रहे हैं, वहीं पश्चिमी राजस्थान (जोधपुर और बीकानेर संभाग) में आगामी एक सप्ताह तक मानसून की परिस्थितियां कमजोर रहने का अनुमान है। मौसम विभाग का कहना है कि इस दौरान इन इलाकों में बारिश नहीं होगी और तापमान 36 से 38 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। तेज धूप और उमस से आमजन की परेशानियां बढ़ेंगी।
क्यों हो रही है राजस्थान में भारी बारिश?
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, इस मौसमी बदलाव का मुख्य कारण पूर्वी भारत के ऊपर बना एक 'कम दबाव का क्षेत्र' (Low-Pressure Area) है। यह सिस्टम वर्तमान में उत्तरी ओडिशा, झारखंड और पश्चिम बंगाल के ऊपर अवस्थित है। इसके साथ ही, मानसून ट्रफ लाइन (Monsoon Trough Line) आज अमृतसर, निजामाबाद और इसी कम दबाव के क्षेत्र से होकर गुजर रही है। इन दोनों वेदर सिस्टम के सक्रिय होने से पूर्वी राजस्थान में नमी आ रही है और भारी बारिश हो रही है।