राजस्थान की राजधानी जयपुर के बगरू स्थित रामपुरा कंवरपुरा गांव में शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन की मौजूदगी में सरकारी प्राथमिक स्कूल के जर्जर भवन को बुलडोजर चलाकर ढहा दिया गया है। दरअसल, सितंबर 2025 में हुए एक तकनीकी सर्वे में इस इमारत को जर्जर और असुरक्षित घोषित कर दिया गया था, जिसके बाद इसका इस्तेमाल बंद था। अब मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देश के बाद बुधवार सुबह से स्कूल के नवनिर्माण का काम शुरू कर दिया गया है।
21 अगस्त को हुआ था भारी हंगामा और पथराव
यह वही स्कूल है जो हाल ही में सुर्खियों में आया था। बीते 21 अगस्त को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के सह-संयोजक और प्रवक्ता आशुतोष रांका अपने 'स्कूल ठीक करो' अभियान के तहत यहां की बदहाल स्थिति का निरीक्षण करने पहुंचे थे। इस दौरान ग्रामीणों ने उनका कड़ा विरोध किया और नौबत मारपीट व पथराव तक पहुंच गई। ग्रामीणों ने सीजेपी कार्यकर्ताओं को वहां से खदेड़ दिया था, जिसके बाद दोनों पक्षों की ओर से एफआईआर (FIR) भी दर्ज करवाई गई थी।
18 लाख रुपये की लागत से बनेगा नया भवन
बवाल के बाद राज्य सरकार तुरंत एक्शन में आई और 1 सितंबर से स्कूल का काम शुरू करवाने की घोषणा की गई। क्षेत्रीय भाजपा विधायक कैलाश वर्मा के अनुसार, स्कूल के नए भवन के लिए 13 अगस्त को ही फंड पास कर दिया गया था। इसके तहत:
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डीएमएफटी (DMFT) फंड: 12 लाख रुपये (दो नए कमरों के निर्माण के लिए)
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विधायक कोष: 6 लाख रुपये (टॉयलेट, ऑफिस और अन्य निर्माण कार्यों के लिए) कुल 18 लाख रुपये की लागत से यह नया स्कूल भवन तैयार किया जाएगा।
क्रेडिट लेने की होड़, लेकिन ग्रामीण खुश
स्कूल निर्माण को लेकर राजनीतिक श्रेय लेने की होड़ भी मची है। CJP प्रवक्ता आशुतोष रांका ने वीडियो जारी कर कहा कि उनका उद्देश्य स्कूल बनवाना ही था, जिसे सरकार ने अब शुरू किया है। वहीं, भाजपा विधायक का दावा है कि फंड उनके द्वारा पहले ही पास करवाया जा चुका था।
इन राजनीतिक दावों के बीच सबसे सकारात्मक तस्वीर गांव वालों की है। नए स्कूल के निर्माण से ग्रामीण और स्कूल की टीचर (मैडम आशा) बेहद खुश हैं। ग्रामीण खुद अपनी देखरेख में स्कूल का सामान खाली करवा रहे हैं और निर्माण कार्य में सहयोग दे रहे हैं।
जर्जर स्कूलों पर हाईकोर्ट भी ले चुका है संज्ञान
आपको बता दें कि पिछले साल झालावाड़ के पीपलोदी स्थित एक स्कूल में हुए हादसे के बाद राजस्थान हाईकोर्ट ने प्रदेश के जर्जर स्कूलों की स्थिति पर स्वतः संज्ञान लिया था। इसके जवाब में राज्य सरकार ने हाईकोर्ट में 12,500 करोड़ रुपये का 5 साल का एक्शन प्लान पेश किया था। हालांकि, रामपुरा कंवरपुरा में हुए हंगामे के बाद सरकार ने स्कूलों को सुधारने के इस प्लान को अब 5 साल के बजाय 3 साल में ही पूरा करने का लक्ष्य तय किया है।