बिहार के बेगूसराय से रिश्तों के उलझे ताने-बाने और खूनी अंजाम की एक हैरान करने वाली दास्तां सामने आई है। यहां एक 'मामा-मामी और भांजे' का लव ट्रायंगल खूनी खेल में तब्दील हो गया। तलाक के बाद जब मामी ने अपने ही भांजे से शादी रचा ली, तो बौखलाए मामा ने अपनी पूर्व पत्नी (मामी) के सीने में गोली उतार दी। गंभीर रूप से घायल महिला का इलाज बेगूसराय के एक निजी अस्पताल में चल रहा है, वहीं पुलिस ने मुख्य आरोपी (पूर्व पति) को गिरफ्तार कर लिया है।

10 साल पहले हुई गलतफहमी से शुरू हुई कहानी

घायल महिला राखी के वर्तमान पति (और रिश्ते में भांजे) रघुवंश पासवान ने बताया कि इस पूरी कहानी की शुरुआत साल 2016 में हुई थी। रघुवंश के मामा पिंटू कुमार पासवान (निवासी- महेंद्रपुर, पटना) की शादी तय हो रही थी। धनबाद से लड़की (राखी) के परिजन 'लड़का' देखने के लिए हाथिदह स्थित दुखहरण महादेव शिव मंदिर आए थे। उस दिन रघुवंश भी अपने मामा पिंटू के साथ गया था।

राखी ने दूर से ही रघुवंश को देख लिया और उसे ही दूल्हा समझकर मन ही मन पसंद कर लिया। लेकिन जब अशोक धाम मंदिर में शादी के दिन राखी ने दूल्हे के जोड़े में पिंटू पासवान को देखा, तो वह भड़क गई। उसने शादी से इनकार कर दिया और रोने लगी कि उसे यह लड़का पसंद नहीं है। हालांकि, पिता द्वारा परिवार की इज्जत की दुहाई देने के बाद राखी मजबूरन पिंटू से शादी करने के लिए तैयार हो गई।

5 साल बाद खुला राज, और शुरू हुआ मुलाकातों का दौर

शादी के बाद पिंटू और राखी के तीन बच्चे हुए। करीब 5 साल बाद रघुवंश अपनी बहन के साथ अपने ननिहाल (मामा पिंटू के घर) गया। वहां मामी (राखी) ने रघुवंश की बहन से पूछा कि यह लड़का कौन है। जब बहन ने बताया कि यह मेरा भाई और तुम्हारा भांजा रघुवंश है, तब राखी ने बताया कि वह असल में इसी लड़के को पसंद करती थी।

यह राज खुलने के बाद रघुवंश को भी अपनी मामी से सहानुभूति होने लगी। वह अक्सर ननिहाल जाने लगा। मुलाकातों का यह दौर परवान चढ़ा और एक दिन मामा पिंटू ने दोनों को आपत्तिजनक स्थिति में पकड़ लिया।

पंचायत से लेकर तलाक तक का सफर

इस घटना के बाद पिंटू और राखी के बीच रोज कलह होने लगी। करीब 2 साल पहले (2024 में) यह मामला पंचायत तक पहुंचा। पंचायत के फैसले के बाद पिंटू ने राखी को सामाजिक तौर पर छोड़ दिया और राखी अपने मायके धनबाद लौट गई।

राखी का कहना है कि वह अपने तीन बच्चों की खातिर रिश्ता बचाना चाहती थी, लेकिन मायके जाते ही पिंटू ने पड़ोसियों को फोन कर उसके और भांजे रघुवंश के चरित्र को लेकर लांछन लगाना शुरू कर दिया। इससे तंग आकर राखी ने तलाक का केस फाइल कर दिया और कुछ ही महीनों में उनका तलाक हो गया।

तलाक की शर्तों का उल्लंघन और भांजे से शादी

तलाक के दौरान शर्त रखी गई थी कि दोनों में से कोई भी 6 महीने तक दूसरी शादी नहीं करेगा। लेकिन, राखी का आरोप है कि पिंटू ने महज 15 दिन बाद ही दूसरी शादी कर ली। जब यह बात भांजे रघुवंश को पता चली, तो उसे लगा कि उसकी वजह से मामी का घर उजड़ गया है। रघुवंश ने राखी को फोन कर शादी का प्रस्ताव दिया। दोनों की रजामंदी से करीब पौने दो साल पहले धनबाद के एक मंदिर में दोनों ने शादी कर ली। शादी के बाद रघुवंश, राखी और उसके तीनों बच्चों को लेकर आकाशपुर स्थित अपने घर आ गया।

आधी रात को छत पर मारी गोली

राखी की अपने ही भांजे से शादी मामा पिंटू पासवान को बर्दाश्त नहीं हुई। 28 अगस्त की देर रात (करीब 1 बजे), जब राखी अपने पति रघुवंश और तीनों बच्चों के साथ छत पर सो रही थी, तभी हमलावरों ने उस पर जानलेवा हमला कर दिया। राखी के सीने में गोली लगी। गोली की आवाज और राखी की चीख सुनकर जब तक रघुवंश की नींद खुली, हमलावर फरार हो चुके थे। गंभीर हालत में राखी को बेगूसराय के कल्पना नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया, जहां गोली अब भी उसके सीने में फंसी हुई है और हालत नाजुक बनी हुई है।

मुख्य आरोपी मामा पिंटू गिरफ्तार

इस वारदात के बाद, घायल महिला राखी के भाई विजय कुमार पासवान ने सिंघौल थाने में एफआईआर दर्ज कराई है। इसमें राखी के पहले पति पिंटू पासवान समेत चार लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया है।

बेगूसराय के एसपी मनीष ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि विजय पासवान के बयान के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी पिंटू पासवान और उसके एक सहयोगी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस उनसे गहन पूछताछ कर रही है और घटना में शामिल अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।