जोधपुर: शहर के विवेक विहार थाना क्षेत्र के गुढ़ा विश्नोइयां स्थित मंगल नगर में जमीन पर कब्जे और तारबंदी हटाने को लेकर हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। आरोप है कि एक परिवार पर जानलेवा हमला किया गया, जिसमें एयरफोर्स जवान भागाराम और उनके छोटे भाई ओमप्रकाश गंभीर रूप से घायल हो गए। हमले में भागाराम के सिर पर कुल्हाड़ी से वार किया गया, जबकि लोहे की रॉड के प्रहार से उनका हाथ टूट गया। दोनों घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां एयरफोर्स जवान की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें सेना के मिलिट्री अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

घटना 10 जुलाई की सुबह करीब 10:30 बजे की बताई जा रही है। मामले में घायल ओमप्रकाश (39) पुत्र घेवरराम विश्नोई ने 11 जुलाई की शाम विवेक विहार थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई, जिसके आधार पर पुलिस ने सात नामजद आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

तारबंदी हटाने का वीडियो बनाने पर भड़के आरोपी

पीड़ित ओमप्रकाश के अनुसार, आरोपी जेसीबी और डंपर लेकर उनके खेत में घुस आए और जमीन की तारबंदी उखाड़ने लगे। जब उन्होंने मोबाइल से घटना का वीडियो बनाना शुरू किया तो आरोपी अशोक आगबबूला हो गया। आरोप है कि अशोक ने जान से मारने की नीयत से अपनी कैंपर गाड़ी ओमप्रकाश की ओर दौड़ा दी, जिससे वह नीचे गिर गया।

इसके बाद आरोपी राकेश, मनीष और महेंद्र ने लोहे के पाइप और लाठियों से ओमप्रकाश पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। हमले में उनके सिर और शरीर पर गंभीर चोटें आईं।

भाई को बचाने पहुंचे एयरफोर्स जवान पर कुल्हाड़ी से हमला

ओमप्रकाश की चीख-पुकार सुनकर उनकी पत्नी हेमा और बड़े भाई भागाराम मौके पर पहुंचे। भागाराम एयरफोर्स में जवान हैं और छुट्टी पर घर आए हुए थे। उन्होंने बीच-बचाव कर भाई को बचाने की कोशिश की, लेकिन आरोप है कि हमलावरों ने उन पर भी जानलेवा हमला कर दिया।

शिकायत के अनुसार, आरोपी पिंटू और एक महिला ने भागाराम के सिर पर कुल्हाड़ी से वार किया। सिर बचाने के लिए जैसे ही उन्होंने हाथ आगे किया, अशोक ने लोहे की रॉड से हमला कर दिया, जिससे उनका हाथ टूट गया। वहीं अन्य आरोपियों ने लाठियों से भी मारपीट की, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए।

हमलावर रिश्ते में निकले सगे भतीजे

पीड़ित परिवार के अनुसार, इस हमले को अंजाम देने वाले आरोपी अशोक और मनीष रिश्ते में भागाराम और ओमप्रकाश के सगे भतीजे हैं। जानकारी के अनुसार, तीन भाई—रामसिंह, भागाराम और ओमप्रकाश—एक ही परिवार से हैं। अशोक और मनीष, रामसिंह के बेटे हैं। अन्य आरोपी जेसीबी और बजरी डंपर चालक बताए गए हैं।

पीड़ित पक्ष का आरोप है कि हमला करने के बाद आरोपी दोनों भाइयों को मरा हुआ समझकर मौके से फरार हो गए।

अस्पताल में भी मिल रही धमकियां

पीड़ित ओमप्रकाश ने आरोप लगाया कि अस्पताल में भर्ती एयरफोर्स जवान भागाराम को भी लगातार धमकियां दी जा रही हैं। उनका कहना है कि थाने से फोन कर समझौता करने का दबाव बनाया जा रहा है और ऐसा नहीं करने पर झूठे छेड़छाड़ के मामले में फंसाने की धमकी दी जा रही है।

पहले भी दी थी शिकायत, कार्रवाई नहीं हुई

पीड़ित परिवार का कहना है कि आरोपी पहले से ही आपराधिक प्रवृत्ति के हैं और उनकी राजनीतिक स्तर पर अच्छी पकड़ है। परिवार ने आरोप लगाया कि घटना से पहले भी जान से मारने की धमकियों की शिकायत पुलिस को दी गई थी, लेकिन समय रहते कार्रवाई नहीं होने के कारण आरोपियों के हौसले बढ़ गए और उन्होंने इस बड़ी वारदात को अंजाम दे दिया।

पुलिस पर मिलीभगत के आरोप

घटना के बाद पीड़ित पक्ष ने पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि राजनीतिक दबाव के चलते पुलिस आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं कर रही और उन्हें बचाने का प्रयास किया जा रहा है।

हालांकि विवेक विहार थाना पुलिस ने अशोक, मनीष, पिंटू, महेंद्र, राकेश उर्फ विकास समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। मामले की जांच एएसआई भरतलाल को सौंपी गई है। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।