Rahul Gandhi बुधवार दोपहर करीब 3:30 बजे चार्टर प्लेन से राजस्थान के कोटा पहुंचे, जहां उनका कार्यक्रम छात्रों से संवाद को लेकर तय किया गया था। कोटा, जिसे देश की कोचिंग सिटी के रूप में जाना जाता है, इस बार राजनीतिक गतिविधियों का केंद्र बन गया।

एयरपोर्ट पर कांग्रेस के कई बड़े नेताओं ने उनका स्वागत किया। इनमें Govind Singh Dotasra, Tika Ram Jully, पूर्व मुख्यमंत्री Ashok Gehlot और Sachin Pilot प्रमुख रूप से मौजूद रहे। लंबे समय से राजनीतिक बयानबाजी और आंतरिक मतभेदों की चर्चा के बीच गहलोत और पायलट का एक साथ दिखाई देना इस दौरे का सबसे बड़ा आकर्षण रहा।

सूत्रों के अनुसार, राहुल गांधी का यह कार्यक्रम खास तौर पर छात्रों और युवाओं से सीधे संवाद पर केंद्रित रहा, जिसमें शिक्षा, रोजगार और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की गई। कोटा में कोचिंग छात्रों की बड़ी संख्या को देखते हुए यह संवाद राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

एयरपोर्ट से कार्यक्रम स्थल तक जाते समय नेताओं के बीच हल्के-फुल्के माहौल में बातचीत और ठहाके भी देखे गए, जिससे कांग्रेस के भीतर चल रही अंदरूनी खींचतान के बीच एकजुटता का संदेश देने की कोशिश साफ नजर आई।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राहुल गांधी का कोटा दौरा केवल एक संवाद कार्यक्रम नहीं, बल्कि संगठन को मजबूत करने और युवाओं के बीच पार्टी की पकड़ बढ़ाने की रणनीति का हिस्सा है। वहीं, गहलोत और पायलट की साथ मौजूदगी ने राजस्थान की राजनीति में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है।

इस पूरे घटनाक्रम के बाद राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है और सभी की नजर अब इस बात पर है कि राहुल गांधी अपने संवाद में युवाओं के लिए क्या बड़े राजनीतिक संदेश देते हैं।