राजस्थान में मानसून की रफ्तार एक बार फिर थम गई है। प्रदेश में आज से बारिश की गतिविधियां बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही थी, लेकिन मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक फिलहाल भारी बारिश के आसार नहीं हैं। अगले छह दिनों तक राज्य का मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने की संभावना है। हालांकि जयपुर, भरतपुर और बीकानेर संभाग के कुछ इलाकों में हल्की बौछारें पड़ सकती हैं।
अलवर, श्रीगंगानगर और कोटपूतली-बहरोड़ में हल्की बारिश
बीते 24 घंटों के दौरान अलवर, श्रीगंगानगर और कोटपूतली-बहरोड़ के कुछ क्षेत्रों में हल्की बारिश दर्ज की गई। लेकिन प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मानसून कमजोर बना हुआ है। लगातार बारिश नहीं होने से खरीफ फसलों पर असर साफ दिखाई देने लगा है।
13 प्रतिशत कम हुई बारिश, किसानों की चिंता बढ़ी
राजस्थान में अब तक सामान्य से करीब 13 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। बारिश की कमी के कारण बाजरा, ज्वार और दालों जैसी खरीफ फसलें प्रभावित होने लगी हैं। खेतों में नमी कम होने से फसलों के सूखने का खतरा बढ़ गया है, जिससे किसानों की चिंता भी बढ़ती जा रही है।
19 जुलाई से फिर सक्रिय हो सकता है मानसून
भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार 10 जुलाई से राजस्थान के ऊपर बादलों की गतिविधियां काफी कम रही हैं, जिसके कारण बारिश का सिलसिला कमजोर पड़ गया। हालांकि विभाग ने संकेत दिए हैं कि 19 जुलाई से मानसून दोबारा सक्रिय हो सकता है।
इसी दौरान उत्तर-पश्चिम भारत में एक नया पश्चिमी विक्षोभ भी प्रवेश करेगा, जिसके प्रभाव से राजस्थान के कई इलाकों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। फिलहाल राज्य के किसी भी जिले के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी नहीं किया गया है।
बारिश कम होने से बढ़ी गर्मी और उमस
मानसून के कमजोर पड़ने का असर तापमान पर भी देखने को मिल रहा है। प्रदेश में गर्मी और उमस लगातार बढ़ रही है। श्रीगंगानगर में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया। वहीं जैसलमेर में 39.0 डिग्री और बीकानेर में 38.8 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि बारिश की गतिविधियां बढ़ने तक लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिलने की संभावना कम है।