खेल के मैदान में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाने वाली जोधपुर की डिंपल खींची ने अब शिक्षा के क्षेत्र में भी बड़ी सफलता हासिल की है। रोप स्कीपिंग की नेशनल खिलाड़ी रही डिंपल ने NEET-UG 2026 में ऑल इंडिया 5609वीं रैंक प्राप्त कर डॉक्टर बनने की दिशा में मजबूत कदम बढ़ाया है।
डिंपल की सफलता इसलिए भी खास है क्योंकि उन्होंने महज 10 दिनों के भीतर तीन बड़ी प्रतियोगी परीक्षाएं पास कर अपनी मेहनत और अनुशासन का शानदार उदाहरण पेश किया है। उनकी उपलब्धि से पूरे परिवार में खुशी का माहौल है।
10 दिन में तीन बड़ी परीक्षाओं में सफलता
डिंपल ने हाल ही में आयोजित AIIMS Nursing परीक्षा में ऑल इंडिया 379वीं रैंक हासिल की। इसके अलावा RUHS Nursing परीक्षा भी शानदार अंकों के साथ उत्तीर्ण की। इसके बाद NEET-UG 2026 में भी बेहतरीन प्रदर्शन कर उन्होंने अपने परिवार का सपना साकार कर दिया।
खेल से पढ़ाई तक का शानदार सफर
जोधपुर के बनाड़ क्षेत्र की रहने वाली डिंपल रोप स्कीपिंग की नेशनल खिलाड़ी रह चुकी हैं। वर्ष 2019 में उन्होंने राष्ट्रीय प्रतियोगिता में सिल्वर मेडल जीता था। इसके अलावा क्लस्टर स्तर पर गोल्ड और रीजनल स्तर पर सिल्वर मेडल भी अपने नाम किया।
पिता का सपना किया पूरा
डिंपल के पिता कुंदल सिंह खींची का सपना था कि उनकी बेटी डॉक्टर बने। परिवार के अनुसार, जब डिंपल ने AIIMS और RUHS की परीक्षाएं पास कीं, तब भी पिता ने कहा था कि उनका सपना अभी अधूरा है। लेकिन NEET-UG का परिणाम आते ही उनकी आंखें खुशी से भर आईं। उन्होंने भावुक होकर कहा कि अब उनकी बेटी ने उनका सपना पूरा कर दिया है।
तीन साल तक सिर्फ पढ़ाई पर फोकस
डिंपल ने अपनी सफलता का श्रेय नियमित पढ़ाई और अनुशासित जीवन को दिया। उन्होंने पिछले तीन वर्षों तक किसी भी सामाजिक कार्यक्रम या पारिवारिक समारोह में हिस्सा नहीं लिया और पूरी तरह अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित रखा।
पेपर लीक के बाद छात्रों को संभालना बना चुनौती
NEET-UG 2026 के पेपर लीक और परीक्षा रद्द होने के बाद कई छात्र मानसिक तनाव में चले गए थे। शिक्षकों ने विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों से लगातार संपर्क बनाए रखा। कई शिक्षकों ने छात्रों के घर जाकर उनका मनोबल बढ़ाया और परीक्षा के दिन उन्हें एग्जाम सेंटर तक भी पहुंचाया। इस प्रयास का परिणाम अब सफल छात्रों के रूप में सामने आया है।
डिंपल खींची की सफलता यह साबित करती है कि कठिन परिस्थितियों, अनुशासन और निरंतर मेहनत के बल पर हर लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।