जयपुर। राजधानी जयपुर में संविदा नर्सिंग कर्मचारियों को नौकरी से हटाए जाने के विवाद के बीच एक दुखद घटना सामने आई है। नौकरी समाप्त होने के बाद विरोध-प्रदर्शन में शामिल एक नर्सिंगकर्मी ने कथित तौर पर जहर खाकर आत्महत्या कर ली। गंभीर हालत में उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना के बाद साथी नर्सिंगकर्मियों में शोक और आक्रोश का माहौल है।
मृतक की पहचान दीपक खारवाल (25) के रूप में हुई है, जो महिला चिकित्सालय सांगानेरी गेट में नर्सिंग कर्मचारी के तौर पर कार्यरत था। जानकारी के अनुसार हाल ही में सवाई मानसिंह (SMS) मेडिकल कॉलेज से जुड़े अस्पतालों में संविदा पर कार्यरत कई नर्सिंग कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त कर दी गई थीं। इसके विरोध में कर्मचारी पिछले कई दिनों से प्रदर्शन कर रहे थे।
प्रदर्शन में शामिल होने के बाद कमरे पर गया
साथी कर्मचारियों के अनुसार शुक्रवार सुबह से बड़ी संख्या में नर्सिंगकर्मी SMS मेडिकल कॉलेज परिसर में अपनी मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन कर रहे थे। दीपक खारवाल भी इस प्रदर्शन में शामिल था। बताया जा रहा है कि दोपहर करीब 11:30 बजे वह धरना स्थल से उठकर अपने किराए के कमरे पर चला गया।
कुछ समय बाद जब उसके साथी उससे मिलने पहुंचे तो कमरे का दरवाजा अंदर से बंद मिला। कई बार आवाज लगाने और दरवाजा खटखटाने के बावजूद कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद साथियों ने दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया, जहां दीपक बेसुध हालत में पड़ा मिला।
अस्पताल में तोड़ा दम
दीपक को तत्काल साथियों की मदद से SMS अस्पताल ले जाया गया। चिकित्सकों ने उसका इलाज शुरू किया, लेकिन हालत गंभीर होने के कारण उसे बचाया नहीं जा सका। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार उसने जहरीला पदार्थ खाया था।
घटना की सूचना मिलने पर पुलिस और अस्पताल प्रशासन ने मामले की जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजकर जांच शुरू कर दी है।
600 से ज्यादा नए नर्सिंग स्टाफ की नियुक्ति का मामला
सूत्रों के मुताबिक हाल ही में SMS मेडिकल कॉलेज में संविदा के आधार पर 600 से अधिक नए नर्सिंग स्टाफ नियुक्त किए गए थे। इनकी भर्ती राजमेस के माध्यम से की गई थी। नए कर्मचारियों की नियुक्ति के बाद SMS मेडिकल कॉलेज और उससे संबद्ध अस्पतालों में निजी फर्मों के जरिए कॉन्ट्रैक्ट पर कार्यरत करीब 460 नर्सिंग कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त कर दी गईं।नौकरी से हटाए गए कर्मचारी इसी निर्णय का विरोध कर रहे थे और अपनी बहाली की मांग को लेकर लगातार प्रदर्शन कर रहे थे।
कर्मचारियों में रोष
दीपक की मौत के बाद साथी नर्सिंग कर्मचारियों में गहरा आक्रोश है। कर्मचारियों का कहना है कि अचानक नौकरी समाप्त किए जाने से कई परिवार आर्थिक संकट में आ गए हैं। उनका आरोप है कि लंबे समय से सेवाएं देने के बावजूद उन्हें बिना उचित व्यवस्था के कार्य से हटा दिया गया।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आत्महत्या के पीछे किन परिस्थितियों ने भूमिका निभाई। वहीं, दीपक की मौत के बाद संविदा कर्मचारियों के आंदोलन ने नया मोड़ ले लिया है।