भरतपुर के नुमाइश मैदान में आयोजित जाट समाज की हुंकार सभा से पहले माहौल गर्माता नजर आया। डीग जिले के कुम्हेर क्षेत्र में सभा में शामिल होने जा रहे लोगों को पुलिस ने रोक लिया, जिसके बाद पुलिस और समाज के लोगों के बीच नोकझोंक की स्थिति बन गई।

जानकारी के अनुसार, रैली में शामिल होने के लिए लोग डीजे और वाहनों के साथ भरतपुर की ओर जा रहे थे। इसी दौरान पुलिस ने उन्हें रोक दिया। मौके पर कुछ देर तक बहस और तनाव की स्थिति बनी रही, हालांकि बाद में मामला शांत हो गया।

इधर, राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के सुप्रीमो और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल समर्थकों के काफिले के साथ जयपुर स्थित अपने आवास से भरतपुर के लिए रवाना हो गए। दोपहर बाद उनके हुंकार सभा में पहुंचने की संभावना है।

आरक्षण संघर्ष समिति के संयोजक नेम सिंह फौजदार ने बताया कि भरतपुर, धौलपुर और डीग जिले के जाट समाज को केंद्र में आरक्षण दिलाने की मांग को लेकर यह हुंकार सभा आयोजित की जा रही है। इसके लिए गांव-गांव जाकर समाज के लोगों को पीले चावल देकर आमंत्रित किया गया था।

उन्होंने कहा कि वर्ष 1999 से समाज केंद्र में आरक्षण की मांग को लेकर संघर्ष कर रहा है। कई बार आश्वासन मिलने के बावजूद मांग पूरी नहीं हुई। ऐसे में हुंकार सभा के जरिए आगे की रणनीति तय की जाएगी।

सभा में राजस्थान के अलावा हरियाणा, उत्तर प्रदेश और दिल्ली से भी बड़ी संख्या में जाट समाज के लोग और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं। नुमाइश मैदान में सुबह से ही लोगों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई, जबकि मंच से वक्ताओं ने समाज को संबोधित करना शुरू कर दिया है।

हुंकार सभा को जाट आरक्षण आंदोलन के लिहाज से अहम माना जा रहा है, जहां भविष्य की रणनीति और आंदोलन की दिशा पर महत्वपूर्ण निर्णय लिए जा सकते हैं।