बाड़मेर में राजस्थान पुलिस की तत्परता और आधुनिक जांच तकनीकों का अनूठा प्रदर्शन देखने को मिला। एटीएस आईजी राजेश सिंह की मौजूदगी में पुलिस लाइन में दो अलग-अलग क्राइम सीन रिक्रिएट कर पुलिस की कार्यशैली और अपराधियों तक पहुंचने की प्रक्रिया का प्रदर्शन किया गया।
पहले क्राइम सीन में लूट की वारदात को दर्शाया गया। सिटी कोतवाली से कंट्रोल रूम को सूचना दी गई कि महावीर नगर क्षेत्र में दो बदमाश लूट की घटना को अंजाम देकर पिकअप वाहन में फरार हो गए हैं और उनके पास हथियार भी हो सकते हैं। सूचना मिलते ही जिलेभर में ए-श्रेणी की हथियारबंद नाकाबंदी करवाई गई।
इस दौरान बदमाश एक नाकाबंदी को तोड़कर भाग निकले, जिसके बाद पुलिस ने उनका पीछा किया और वाहन के टायर पर फायरिंग भी की। लगातार पीछा करने के बाद पुलिस टीम ने महज 30 मिनट के भीतर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
दूसरे सीन में चाकू मारकर की गई हत्या के मामले की जांच को रिक्रिएट किया गया। वारदात की सूचना मिलने पर जांच अधिकारी, एफएसएल, एमओबी और डॉग स्क्वॉड की टीमें मौके पर पहुंचीं। टीमों ने घटनास्थल से सबूत जुटाए और संदिग्ध वस्तुओं को जब्त किया। इसके बाद आरोपियों के रूमाल की गंध डॉग स्क्वॉड को सूंघाई गई। डॉग स्क्वॉड ने आसपास के क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन चलाते हुए करीब 15 मिनट में झाड़ियों में छिपे दोनों आरोपियों तक पुलिस को पहुंचा दिया, जहां से उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
इस अवसर पर पुलिस लाइन में भव्य परेड का आयोजन भी किया गया। आईजी राजेश सिंह ने परेड की सलामी ली और जवानों के अनुशासन एवं कार्यक्षमता का निरीक्षण किया। कार्यक्रम में बाड़मेर एसपी चूनाराम जाट, एएसपी, डीएसपी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
इसके अलावा आईजी राजेश सिंह और एसपी चूनाराम जाट ने पुलिस लाइन परिसर में पौधारोपण भी किया। निरीक्षण के दौरान आईजी ने पुलिस लाइन की व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। कार्यक्रम का उद्देश्य पुलिस की त्वरित कार्रवाई, अपराध जांच की वैज्ञानिक पद्धतियों और आधुनिक संसाधनों के प्रभावी उपयोग को प्रदर्शित करना था।