राजस्थान ने हरित ऊर्जा के क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए रूफटॉप सोलर ऊर्जा उत्पादन में नया कीर्तिमान स्थापित किया है। प्रदेश में रूफटॉप सोलर की कुल स्थापित क्षमता 1001.57 मेगावाट के पार पहुंच गई है। यह उपलब्धि केंद्र सरकार की 'पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना' के प्रभावी क्रियान्वयन का परिणाम मानी जा रही है।

2.65 लाख से अधिक घरों पर लगे रूफटॉप सोलर संयंत्र

योजना के तहत अब तक राजस्थान में 2.65 लाख से अधिक घरों पर रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाए जा चुके हैं। इससे न केवल स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा मिला है, बल्कि हजारों परिवारों के बिजली बिल में भी कमी आने लगी है। साथ ही पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता कम करने की दिशा में भी यह एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

सीएम भजनलाल शर्मा ने बताया ऐतिहासिक उपलब्धि

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इस उपलब्धि को राजस्थान के लिए ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह स्वच्छ ऊर्जा, ऊर्जा आत्मनिर्भरता और सतत विकास की दिशा में बड़ा कदम है। उन्होंने कहा कि यह सफलता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और 'पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना' जैसी परिवर्तनकारी पहल का प्रत्यक्ष परिणाम है।

हरित ऊर्जा क्रांति को मिलेगा और बढ़ावा

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार हरित ऊर्जा क्रांति को प्रदेश के हर घर तक पहुंचाने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने ऊर्जा विभाग, डिस्कॉम के अधिकारियों-कर्मचारियों और प्रदेशवासियों का इस उपलब्धि में योगदान के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने विश्वास जताया कि जनता की सक्रिय भागीदारी से राजस्थान आने वाले समय में नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में और भी नए रिकॉर्ड स्थापित करेगा।

तेजी से बढ़ेगी सोलर रूफटॉप की संख्या

राजस्थान सरकार अब प्रदेश में रूफटॉप सोलर संयंत्र लगाने की रफ्तार और तेज करने की दिशा में काम कर रही है। इसका उद्देश्य अधिक से अधिक उपभोक्ताओं को स्वच्छ ऊर्जा से जोड़ना, बिजली उत्पादन में नवीकरणीय ऊर्जा की हिस्सेदारी बढ़ाना और लोगों के बिजली खर्च को कम करना है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ ऊर्जा सुरक्षा भी मजबूत होगी।