राजस्थान में पंचायत चुनावों की तारीख को लेकर जारी असमंजस के बीच ग्रामीण एवं पंचायतीराज राज्य मंत्री ओटाराम देवासी ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि हाईकोर्ट के आदेशों के अनुपालन में राज्य सरकार की कोशिश है कि पंचायत चुनाव 31 जुलाई तक पूरे कर लिए जाएं।
मंत्री के इस बयान के बाद राज्य में पंचायत चुनाव की स्थिति को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है, क्योंकि लंबे समय से इन चुनावों की प्रतीक्षा की जा रही है और कई स्तरों पर देरी को लेकर सवाल उठते रहे हैं।
देरी की वजह पिछली गहलोत सरकार: मंत्री का आरोप
ओटाराम देवासी ने चुनावों में हो रही देरी के लिए पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नेतृत्व वाली सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। उनका कहना है कि पिछली सरकार के समय लिए गए कुछ फैसलों और प्रक्रियात्मक खामियों के कारण चुनाव समय पर नहीं हो पाए, जिससे वर्तमान सरकार को कानूनी और प्रशासनिक चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि सरकार अब हाईकोर्ट के निर्देशों का पालन करते हुए पूरी प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ा रही है, ताकि पंचायत चुनाव निर्धारित समय सीमा के भीतर कराए जा सकें।
ओबीसी आयोग की रिपोर्ट कब तक?
इस पूरे मामले में ओबीसी आयोग की रिपोर्ट भी अहम मानी जा रही है। माना जा रहा है कि पंचायत और स्थानीय निकायों के आरक्षण व अन्य प्रक्रियाओं को लेकर आयोग की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
मंत्री ने संकेत दिए हैं कि ओबीसी आयोग की रिपोर्ट जल्द ही सरकार को सौंपी जा सकती है, जिसके बाद चुनाव प्रक्रिया को अंतिम रूप देने में तेजी आएगी। हालांकि रिपोर्ट की सटीक तारीख को लेकर अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
हाईकोर्ट के आदेशों के पालन पर जोर
राज्य सरकार ने यह भी दोहराया है कि वह हाईकोर्ट के सभी निर्देशों का पूरी तरह पालन करेगी। कोर्ट के आदेशों के अनुसार ही पंचायत चुनाव की नई रूपरेखा तैयार की जा रही है, ताकि किसी भी प्रकार की कानूनी अड़चन न आए।
राजनीतिक और प्रशासनिक नजरें टिकीं
31 जुलाई की संभावित समयसीमा को लेकर अब सभी राजनीतिक दलों और प्रशासनिक अधिकारियों की नजरें टिकी हुई हैं। यदि सरकार तय समय में चुनाव कराने में सफल रहती है तो यह एक बड़ी प्रशासनिक उपलब्धि मानी जाएगी, वहीं देरी होने पर विपक्ष इसे बड़ा मुद्दा बना सकता है।
फिलहाल राज्य में पंचायत चुनावों को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है, लेकिन सरकार की ओर से यह दावा किया जा रहा है कि प्रक्रिया को तेज कर दिया गया है और जल्द ही स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।