राजस्थान सरकार ने करौली जिले के किसानों को बड़ी राहत देते हुए करीब 20 वर्षों बाद पांचना बांध से पानी का प्रवाह शुरू करा दिया है। लंबे समय से तकनीकी खामी और विवाद के कारण बंद पड़े बांध के गेट आखिरकार खोल दिए गए, जिससे गंभीरी नदी और नहरों के माध्यम से सिंचाई क्षेत्र तक पानी पहुंचना शुरू हो गया।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की लगातार निगरानी में जल संसाधन विभाग, एसडीआरएफ और विशेषज्ञों की टीम ने रातभर अभियान चलाकर बांध के प्रभावित गेट की तकनीकी खराबी को दूर किया। तड़के 4:50 बजे गेट सफलतापूर्वक खोला गया, जिसके बाद पानी का प्रवाह शुरू हो गया। इस पहल से कमांड क्षेत्र के हजारों किसानों को बड़ी राहत मिली है।
जल संसाधन एवं सिंचाई मंत्री सुरेश रावत और गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म की मौजूदगी में इस ऐतिहासिक पहल की शुरुआत हुई। साथ ही गुड़ला पांचना लिफ्ट योजना में भी पानी छोड़ा गया, जिससे तीन क्षेत्रों में सिंचाई और जलापूर्ति का मार्ग प्रशस्त हुआ।
₹61 करोड़ की नई सिंचाई परियोजनाओं की सौगात
राज्य सरकार ने जल प्रबंधन को और मजबूत बनाने के लिए दो नई लिफ्ट सिंचाई परियोजनाओं तथा गुड़ला लिफ्ट परियोजना के पीडीएन सिस्टम के रीमॉडलिंग कार्य का भी शिलान्यास किया। इन विकास कार्यों पर लगभग 61 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री बोले— किसानों के हित सर्वोपरि
राज्य सरकार का कहना है कि वर्षों से लंबित समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है। पांचना बांध से पानी छोड़ा जाना केवल एक तकनीकी उपलब्धि नहीं, बल्कि किसानों के सिंचाई अधिकार, ग्रामीण विकास और जल प्रबंधन को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।