श्रीगंगानगर। राजस्थान के श्रीगंगानगर जिला अस्पताल से रविवार शाम एक बड़ा सुरक्षा चूक का मामला सामने आया। इलाज के लिए अस्पताल के कैदी वार्ड में भर्ती एक बंदी टॉयलेट जाने का बहाना बनाकर फरार हो गया। घटना के बाद पुलिस और जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। प्रारंभिक जांच में अस्पताल में तैनात सुरक्षाकर्मियों की भूमिका भी संदेह के घेरे में है।
जवाहर नगर थाना पुलिस ने गौरव (20) पुत्र ओमप्रकाश निवासी पटाखा फैक्ट्री रोड, पुरानी आबादी, श्रीगंगानगर को चोरी के एक मामले में गिरफ्तार किया था। आरोपी पर 11 जुलाई को एसएसबी रोड स्थित एक मकान में घुसकर सोने-चांदी के जेवरात चोरी करने का आरोप है। पूछताछ और कानूनी प्रक्रिया के बाद पुलिस ने 18 जुलाई को उसे न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे केंद्रीय कारागार श्रीगंगानगर भेज दिया गया।
रविवार को बंदी की तबीयत बिगड़ने पर उसे दोपहर करीब 2:30 बजे इलाज के लिए श्रीगंगानगर जिला अस्पताल के कैदी वार्ड में भर्ती कराया गया था। शाम करीब 5:30 बजे उसने टॉयलेट जाने की अनुमति मांगी। इसी दौरान उसने मौका देखकर टॉयलेट की खिड़की की जाली तोड़ दी और वहां से फरार हो गया।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और जेल प्रशासन के अधिकारी अस्पताल पहुंचे। पूरे क्षेत्र में नाकाबंदी कर फरार कैदी की तलाश शुरू कर दी गई। पुलिस की अलग-अलग टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
इस घटना के बाद अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जांच के दौरान जिस रोशनदान का कांच टूटा हुआ मिला, उसे देखकर अधिकारियों ने आशंका जताई कि वहां से किसी व्यक्ति का निकल पाना लगभग असंभव है। वहीं कैदी वार्ड की जाली भी टूटी हुई मिली है। ऐसे में यह संदेह गहरा गया है कि कैदी केवल रोशनदान के रास्ते नहीं भागा, बल्कि संभव है कि वह सुरक्षाकर्मियों की मौजूदगी में वार्ड से बाहर निकला हो या किसी की मदद से फरार हुआ हो।
पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि कहीं बंदी को भगाने में किसी की मिलीभगत तो नहीं थी। अस्पताल में ड्यूटी पर तैनात सुरक्षाकर्मियों से पूछताछ की जा रही है और पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू कर दी गई है।
फिलहाल फरार कैदी की तलाश जारी है। पुलिस का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और लापरवाही या मिलीभगत सामने आने पर संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।