झालावाड़ जिले के खेल संकुल में सोमवार को आतंकवादी हमले जैसी आपात स्थिति से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए एक विशेष मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस अभ्यास में 5 आतंकवादियों द्वारा खेल संकुल में घुसकर 5 बच्चों को बंधक बनाने का काल्पनिक परिदृश्य तैयार किया गया।

सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हो गईं। जिला कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर पूरे परिसर की घेराबंदी कर दी। इसके बाद सुरक्षा बलों की विशेष टीमों ने संयुक्त अभियान शुरू किया।

ड्रिल के दौरान सुरक्षा बलों ने खेल संकुल के विभिन्न प्रवेश द्वारों से अंदर प्रवेश कर आतंकवादियों की गतिविधियों पर नजर रखी और रणनीतिक तरीके से ऑपरेशन को अंजाम दिया। गोलियों की आवाज और धमाकों के बीच जवानों ने साहस और सूझबूझ का परिचय देते हुए बंधक बच्चों तक पहुंच बनाई।

अभ्यास के दौरान सुरक्षा बलों और आतंकवादियों के बीच मुठभेड़ का दृश्य प्रस्तुत किया गया, जिसमें 4 आतंकवादियों को मार गिराया गया, जबकि एक घायल आतंकी को जिंदा पकड़ लिया गया। सभी 5 बच्चों को सुरक्षित मुक्त कराकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया।

अधिकारियों ने बताया कि इस मॉक ड्रिल का उद्देश्य आतंकवादी हमले जैसी परिस्थितियों में पुलिस, प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों की तत्परता, समन्वय और प्रतिक्रिया क्षमता का आकलन करना था। ऐसे अभ्यास भविष्य में किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

मॉक ड्रिल के सफल आयोजन ने यह संदेश दिया कि झालावाड़ जिला पुलिस और प्रशासन किसी भी आतंकी चुनौती या आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

इस दौरान जिला कलेक्टर अजय सिंह राठौड़, एडीएम अनुराग भार्गव, एसपी अमित कुमार, डिप्टी हर्षराज सिंह, खेल अधिकारी कृपाशंकर शर्मा सहित पुलिस एवं प्रशासन के कई अधिकारी मौजूद रहे।