बाड़मेर: शहर की सड़कों पर इन दिनों न तो पुलिस का खौफ नजर आ रहा है और न ही यातायात नियमों की कोई परवाह। बेखौफ दौड़ रहे बिना नंबर वाले ट्रैक्टर शहरवासियों के लिए जानलेवा साबित हो रहे हैं। ऐसा ही एक ताजा और डराने वाला मामला शहर के किसान बोर्डिंग के सामने से सामने आया है, जहां एक बड़ी लापरवाही के कारण एक भयंकर हादसा होते-होते टल गया।

गलत दिशा और तेज रफ्तार बनी हादसे का कारण प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एक बिना नंबर का ट्रैक्टर तेज गति से और गलत दिशा (Wrong Way) से आ रहा था। ट्रैक्टर के पीछे पानी की टंकी जुड़ी हुई थी। स्पीड ज्यादा होने और अचानक नियंत्रण बिगड़ने के कारण पानी की टंकी सड़क पर ही पलट गई।

बाल-बाल बचे लोग, बस से टकराई बेकाबू टंकी टंकी पलटने के बाद बेकाबू होकर पास ही खड़ी एक निजी बस से जा टकराई। गनीमत यह रही कि उस समय वहां ज्यादा भीड़भाड़ नहीं थी और बस में सवारियों को कोई बड़ा नुकसान नहीं पहुंचा। अगर यह टंकी किसी दोपहिया वाहन या पैदल यात्री पर गिरती, तो निश्चित तौर पर एक बड़ा और दर्दनाक हादसा हो सकता था।

पुलिस की कार्रवाई पर उठे गंभीर सवाल हादसे की सूचना मिलने के बाद कोतवाली थाना पुलिस मौके पर तो पहुंची, लेकिन उनकी कार्रवाई ने आम जनमानस में कई सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस ने इतनी बड़ी लापरवाही और खतरनाक तरीके से वाहन चलाने के बावजूद सिर्फ एक सामान्य चालान काटकर इतिश्री कर ली। चालक के खिलाफ कोई सख्त कदम नहीं उठाया गया और उसे औपचारिक कार्रवाई के बाद छोड़ दिया गया।

कब तक मिलता रहेगा खुला संरक्षण? यह घटना शहर की यातायात व्यवस्था और पुलिस की कार्यप्रणाली की पोल खोलती है। शहर की सड़कों पर बिना नंबर के भारी वाहन फर्राटे भर रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार आंखें मूंदे बैठे हैं। स्थानीय लोग अब यह सवाल पूछ रहे हैं कि आखिर आम जनता की जान को खतरे में डालने वाले इन लापरवाह चालकों को कब तक ऐसा खुला संरक्षण मिलता रहेगा? क्या पुलिस प्रशासन किसी बड़े हादसे या जनहानि का इंतजार कर रहा है?