राजस्थान के फलोदी जिले के फतेहगढ़ गांव स्थित एक कृषि फार्म पर 30 जून को एक ही परिवार के चार सदस्यों की मौत के मामले में पुलिस जांच लगातार आगे बढ़ रही है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि किसान गेनाराम अपनी पत्नी की लंबे समय से चली आ रही मानसिक बीमारी से बेहद परेशान था। पुलिस को आशंका है कि इसी तनाव के चलते उसने पहले पत्नी और दोनों बच्चों की हत्या की और बाद में खुद फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। हालांकि, पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मामले की विस्तृत जांच अभी जारी है।

पत्नी की मानसिक स्थिति को लेकर था परेशान

पाली जिले के रोहट क्षेत्र के बिठू गांव निवासी गेनाराम पिछले चार वर्षों से फतेहगढ़ में खेती का कार्य कर रहा था। उसके साथ पत्नी पुष्पा, 13 वर्षीय बेटी खुशबू और 10 वर्षीय बेटा किशन भी वहीं रहते थे।

परिजनों के अनुसार, पुष्पा पिछले दो-तीन वर्षों से मानसिक रूप से अस्वस्थ थी। उसका इलाज कराने के साथ-साथ परिवार उसे कई भोपा और धार्मिक स्थलों पर भी लेकर गया, जहां कथित तौर पर झाड़-फूंक और पूजा-पाठ कराए गए, लेकिन उसकी हालत में कोई सुधार नहीं हुआ।

घटना से पहले मंदिर ले गया था परिवार

29 जून को गेनाराम पत्नी को लेकर अपने गांव बिठू पहुंचा, जहां एक थान (मंदिर) में पूजा-अर्चना करवाई गई। भोपा ने पूर्णिमा के दिन पूजा के बाद बीमारी ठीक होने का दावा किया था। उसी रात परिवार वापस फतेहगढ़ लौट आया, लेकिन रास्ते में ही पुष्पा की तबीयत फिर बिगड़ गई और वह असामान्य व्यवहार करने लगी।

पुलिस की प्रारंभिक जांच में क्या सामने आया?

पुलिस का मानना है कि घटना वाली रात पत्नी की बिगड़ती हालत से गेनाराम मानसिक रूप से टूट गया। आशंका है कि विवाद के दौरान उसने पहले पत्नी का गला दबाकर हत्या कर दी। शोर सुनकर जागे दोनों बच्चों को भी उसने गला दबाकर मार डाला, ताकि घटना का खुलासा न हो सके। इसके बाद उसने बरामदे में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली।

घटनास्थल से पूजा-पाठ का सामान और गेनाराम की जेब से मौली का धागा भी बरामद हुआ है।

परिजनों ने जताया संदेह

मृतक के परिजनों का कहना है कि गेनाराम अकेले तीन लोगों की हत्या नहीं कर सकता। उनका आरोप है कि संभवतः पहले पत्नी और बच्चों को खाने में कोई नशीला या जहरीला पदार्थ दिया गया होगा, जिसके बाद उनकी हत्या की गई। परिजन पूरे मामले की निष्पक्ष और वैज्ञानिक जांच की मांग कर रहे हैं।

पुलिस सभी पहलुओं की कर रही जांच

देचू थाना प्रभारी विक्रम सिंह सांदू ने बताया कि अब तक की जांच में पत्नी की मानसिक बीमारी के कारण गेनाराम के तनाव में रहने की बात सामने आई है। हालांकि, किसी भी शव पर ऐसी बाहरी चोट नहीं मिली जिससे सीधे मौत का कारण स्पष्ट हो सके। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस ने कहा है कि अभी किसी अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी और सभी संभावित पहलुओं की गहन जांच की जा रही है।