वंदे मातरम विवाद पर अमित शाह का कांग्रेस पर हमला, बोले- बंकिम बाबू और देश से माफी मांगें; कांग्रेस का पलटवार
नई दिल्ली/चित्तौड़गढ़। ‘वंदे मातरम’ को लेकर बीजेपी और कांग्रेस के बीच सियासी घमासान तेज हो गया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस मुख्यालय में ‘वंदे मातरम’ का गान बीच में रोकने की बात कही गई। शाह ने कांग्रेस से देश और ‘वंदे मातरम’ के रचयिता बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय से माफी मांगने को कहा।
अमित शाह ने राजस्थान के चित्तौड़गढ़ में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस मुख्यालय में ‘वंदे मातरम’ का गान चल रहा था और आरोप लगाया कि इसी दौरान सोनिया गांधी ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से गान रोकने की बात कही।
शाह ने कहा कि ‘वंदे मातरम’ केवल एक गीत नहीं, बल्कि देश की स्वतंत्रता और राष्ट्रभक्ति से जुड़ा अमर गान है। उन्होंने कहा कि इस गीत के जरिए आजादी के आंदोलन में लोगों के भीतर देशभक्ति और बलिदान की भावना जागी थी।
शाह बोले- कांग्रेस को देश से माफी मांगनी चाहिए
अमित शाह ने कांग्रेस पर वोट बैंक की राजनीति के कारण ‘वंदे मातरम’ को भुलाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इस वर्ष ‘वंदे मातरम’ के रचे जाने के 150 वर्ष पूरे हो रहे हैं और ऐसे समय में इस गीत का सम्मान किया जाना चाहिए।
शाह ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर थोड़ी भी शर्म बाकी है तो कांग्रेस को दोनों हाथ जोड़कर बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय और देश की जनता से माफी मांगनी चाहिए।
‘वंदे मातरम’ के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर केंद्र सरकार की ओर से देशभर में कई कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। गृह मंत्री पहले भी इस गीत को स्वतंत्रता आंदोलन और राष्ट्र निर्माण से जोड़ते हुए इसके ऐतिहासिक महत्व पर जोर दे चुके हैं।
कांग्रेस ने पूछा- सवाल कौन उठा रहा है?
अमित शाह के आरोपों पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद अखिलेश प्रसाद सिंह ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि जो लोग कांग्रेस पर सवाल उठा रहे हैं, उनका देश की आजादी में कोई रोल नहीं था।
अखिलेश प्रसाद सिंह ने आरएसएस का जिक्र करते हुए कहा कि उसके मुख्यालय में वर्षों तक राष्ट्रीय ध्वज नहीं फहराया गया और अब वही लोग कांग्रेस से सवाल कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि राज्यसभा में वंदे मातरम के पूरे गान के दौरान सोनिया गांधी समेत कांग्रेस के नेता मौजूद रहे थे। सिंह ने यह भी कहा कि कांग्रेस को ‘वंदे मातरम’ से कोई परेशानी नहीं है और पार्टी कानून का सम्मान करती है।
कांग्रेस का तर्क- कानून बनने के बाद उसका सम्मान जरूरी
कांग्रेस नेता ने कहा कि अगर देश में कोई कानून बन गया है तो सभी राजनीतिक दलों को उसका सम्मान करना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि पहले कांग्रेस के कार्यक्रमों में ‘वंदे मातरम’ के दो अंतरे गाए जाते थे, लेकिन अब कानून बनने के बाद पार्टी उसका सम्मान करेगी।
इस पूरे विवाद ने एक बार फिर ‘वंदे मातरम’ के ऐतिहासिक महत्व से ज्यादा इसे लेकर बीजेपी और कांग्रेस के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप को केंद्र में ला दिया है। बीजेपी जहां कांग्रेस पर राष्ट्रीय गीत के अपमान का आरोप लगा रही है, वहीं कांग्रेस इन आरोपों को राजनीतिक मुद्दा बनाने की कोशिश बता रही है।