श्रीगंगानगर/अनूपगढ़: राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले के अनूपगढ़ क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक ने आत्महत्या से पहले इंस्टाग्राम पर एक रील अपलोड की थी, जिसमें उसने अपनी मौत की जानकारी देते हुए लिखा था - "फांसी खा लिया है राजू सिंह"। पुलिस और परिजनों को अभी तक आत्महत्या के सटीक कारणों का पता नहीं चल सका है, लेकिन जेब से मिली खाली लक्ष्मण रेखा (एक प्रकार की नशीली दवा) की डिब्बी और शराब के पव्वे से अनुमान लगाया जा रहा है कि नशे के प्रभाव में यह कदम उठाया गया।

घटना का विवरण

घटना अनूपगढ़ के रावला मंडी के चक 30 एएस बी इलाके की है। मृतक की पहचान 17 केवाईडी (किलोमीटर वाली डिवीजन) निवासी राजू सिंह पुत्र राम सिंह के रूप में हुई है। राजू सिंह शादीशुदा थे और तीन बच्चों (दो बेटियां तथा एक बेटा) के पिता थे। वे पिछले काफी समय से 365 हेड क्षेत्र में एक फर्नीचर की दुकान पर काम कर रहे थे।सोमवार को राजू सिंह ने घर से काम पर जाने की बात कहकर निकले थे, लेकिन शाम तक वापस नहीं लौटे। देर शाम एक परिचित ने उनकी इंस्टाग्राम पर अपलोड की गई रील देखी, जिसमें फांसी लगाने की बात लिखी गई थी। इस सूचना पर परिजनों ने तलाश शुरू की।

चरवाहे की जानकारी से मिला शव

तलाश के दौरान परिजनों को एक चरवाहा मिला, जिसने बताया कि उसने एक युवक को शराब के नशे में 30 एएस बी की नर्सरी की ओर जाते देखा था। इस जानकारी के आधार पर नहर के किनारे स्थित नर्सरी में खोजबीन की गई। वहां पेड़ से रस्सी के सहारे राजू सिंह का शव लटका मिला।सूचना मिलते ही रावला पुलिस मौके पर पहुंची। हेड कॉन्स्टेबल रामनिवास पुनिया और कॉन्स्टेबल भगवान राम डूडी ने शव को पेड़ से उतरवाया और रावला अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया। बाद में शव का पोस्टमॉर्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया गया।

जेब से मिलीं महत्वपूर्ण चीजें

पुलिस जांच के दौरान मृतक की जेब से शराब का एक पव्वा (छोटी बोतल) और लक्ष्मण रेखा की खाली डिब्बी बरामद हुई। इससे संकेत मिलता है कि आत्महत्या से पहले राजू सिंह ने शराब के साथ इस नशीली दवा का सेवन किया होगा, जो अक्सर मानसिक तनाव या अवसाद में इस्तेमाल होती है।

पुलिस का बयान

रावला थाना प्रभारी (एसएचओ) बलवंत कुमार ने बताया कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही आत्महत्या के सटीक कारणों का पता चल पाएगा। फिलहाल प्राथमिक जांच में किसी आपराधिक कोण या बाहरी दबाव के संकेत नहीं मिले हैं। आत्महत्या का मामला दर्ज कर जांच जारी है।

परिवार का दर्द

परिजनों ने बताया कि राजू सिंह सामान्य रूप से काम पर जाते थे और घर में कोई बड़ा विवाद नहीं था। इंस्टाग्राम स्टेटस देखकर ही उन्हें संदेह हुआ, जिसके बाद तलाश शुरू हुई। यह घटना स्थानीय स्तर पर काफी चर्चा में है और लोग सोशल मीडिया के दुरुपयोग तथा मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देने की बात कर रहे हैं।