जोधपुर(6 जनवरी 2025):- जोधपुर के करवड़ थाना क्षेत्र में एक चौंकाने वाला फर्जी डिग्री का मामला प्रकाश में आया है। आरोप है कि मंडलनाथ क्षेत्र में स्थित मयूराक्षी टीचर ट्रेनिंग कॉलेज के प्रबंधन ने नियमों को दरकिनार कर एक युवती को जाली दस्तावेजों के आधार पर बी.एड. की डिग्री प्रदान की। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि यह युवती एक साथ 'घोस्ट स्टूडेंट' बनकर पॉलिटेक्निक डिप्लोमा और बी.एड. कोर्स पूरा कर रही थी, यानी वह दोनों जगहों पर शारीरिक रूप से उपस्थित हुए बिना डिग्री हासिल कर ली.

घटना की पूरी जानकारी 

यह मामला करीब 10 साल पुराना बताया जा रहा है, लेकिन अब जाकर पुलिस में शिकायत दर्ज होने के बाद सामने आया है। शिकायतकर्ता के अनुसार, कॉलेज प्रबंधन की मिलीभगत से युवती ने फर्जी अटेंडेंस और दस्तावेजों के जरिए बी.एड. कोर्स पास किया, जबकि वह همزمان एक अन्य संस्थान में पॉलिटेक्निक की पढ़ाई कर रही थी। ऐसे में एक व्यक्ति का एक ही समय में दो अलग-अलग कोर्स में नियमित उपस्थिति होना असंभव है, जिससे यह स्पष्ट हो जाता है कि डिग्री प्राप्त करने में अनियमितता बरती गई।

पुलिस जांच 

पुलिस ने इस मामले में कॉलेज प्रबंधन और संबंधित युवती के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और फर्जी दस्तावेज तैयार करने की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। जांच के दौरान कॉलेज के रिकॉर्ड, अटेंडेंस शीट और एडमिशन दस्तावेजों की पड़ताल की जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, कॉलेज ने नियमों का पालन नहीं करते हुए बैकडेट एंट्री या अन्य तरीकों से डिग्री जारी की, जिससे शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।

यह मामला राजस्थान में फर्जी डिग्रियों के बढ़ते मामलों की कड़ी में एक और उदाहरण है, जहां पहले भी कई शिक्षक प्रशिक्षण संस्थानों पर इसी तरह के आरोप लग चुके हैं। पुलिस अब अन्य संभावित पीड़ितों या इसी तरह के मामलों की तलाश कर रही है। यदि दोष साबित हुआ तो कॉलेज की मान्यता पर भी संकट आ सकता है और आरोपी युवती व प्रबंधन को कड़ी सजा हो सकती है।यह घटना शिक्षा के क्षेत्र में पारदर्शिता और सख्त नियमों की जरूरत को फिर से रेखांकित करती है। जांच पूरी होने के बाद और विवरण सामने आएंगे।