जालोर: कहते हैं अगर हौसलों में उड़ान हो और अपनों का साथ मिले, तो कोई भी मंजिल दूर नहीं होती। कुछ ऐसा ही कर दिखाया है जालोर की होनहार बेटी अमृता मेघवाल ने। अमृता ने हाल ही में आयोजित राजस्थान स्टेट ओपन शूटिंग चैंपियनशिप की शॉटगन डबल ट्रैप स्पर्धा में अपने शानदार और सटीक निशानेबाजी के दम पर नेशनल चैंपियनशिप के लिए क्वालीफाई कर लिया है। उनकी इस बड़ी कामयाबी से पूरे जिले में खुशी की लहर है और सोशल मीडिया पर उन्हें बधाइयों का तांता लगा हुआ है।

"यह सिर्फ मेरी नहीं, मेरे भाई-बहन की भी जीत है"

अपनी इस ऐतिहासिक सफलता का श्रेय अमृता ने अपने बड़े भाई भानु प्रताप माहर और अपनी छोटी बहन वर्षा चौधरी को दिया है। अमृता का कहना है कि प्रतियोगिता की शुरुआत से लेकर आखिरी शॉट तक दोनों का सहयोग, उन पर अटूट विश्वास और हौसला अफजाई ही उनकी सबसे बड़ी ताकत बनी। उन्होंने भावुक होकर कहा कि यह सिर्फ उनकी व्यक्तिगत जीत नहीं है, बल्कि जितनी मेहनत उनकी खुद की है, उतना ही योगदान उनके भाई और बहन का भी है।

जनता और अपनों के प्यार का जताया आभार

अमृता ने अपने सभी शुभचिंतकों, परिजनों और जालोरवासियों का दिल से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि लोगों का स्नेह, दुआएं और आशीर्वाद ही उन्हें हर मुश्किल मोड़ पर हिम्मत देते हैं। यही भरोसा उन्हें आने वाले नेशनल टूर्नामेंट्स में देश और प्रदेश का नाम रोशन करने के लिए प्रेरित कर रहा है।

लेकिन क्या नेशनल का सफर इतना आसान होगा?

स्टेट लेवल पर तो अमृता ने अपना लोहा मनवा लिया है और उनके निशाने ने सबको अपना मुरीद बना दिया। लेकिन अब मुकाबला देश के सबसे धुरंधर निशानेबाजों से होने वाला है। क्या जालोर की यह जांबाज बेटी नेशनल की शूटिंग रेंज में भी ऐसा ही चमत्कार दोहरा पाएगी? क्या अमृता देश के टॉप शूटरों को पछाड़कर मेडल अपने नाम कर पाएगी?

यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा, लेकिन एक बात तय है—तैयारी पूरी है और निशाना बिल्कुल सटीक!