जयपुर के आराध्य देव ठाकुर श्री गोविंद देव जी मंदिर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की भव्य तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। इस साल जन्मोत्सव पर भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है, जिसे देखते हुए मंदिर प्रशासन, पुलिस और जिला प्रशासन ने सुरक्षा, दर्शन और ट्रैफिक के पुख्ता इंतजाम किए हैं। अगर आप भी कान्हा के दर्शन के लिए जा रहे हैं, तो घर से निकलने से पहले व्यवस्थाओं से जुड़ी यह जरूरी जानकारी जरूर पढ़ लें।

13 घंटे खुलेंगे मंदिर के पट, जानें दर्शन का समय

कल ठाकुर जी के भक्तों को पूरे 13 घंटे तक दर्शन मिलेंगे। तड़के 4 बजे मंगला झांकी के साथ मंदिर के पट खुल जाएंगे और रात 10:30 बजे तक भक्त अलग-अलग झांकियों के दर्शन कर सकेंगे। रात 10 से 11 बजे तक जन्माष्टमी की व्रत कथा होगी और मध्यरात्रि 12 बजे श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मनाया जाएगा। इसके अगले दिन यानी 5 सितंबर की मध्यरात्रि को भी विशेष आयोजन होंगे, जिसमें रात 11 से 11:15 तक मंगला आरती और 12 से 12:30 बजे तक तिथि पूजा व अभिषेक किया जाएगा।

5 से 6 किलोमीटर का करना पड़ सकता है पैदल सफर

जन्माष्टमी पर भारी भीड़ को देखते हुए भक्तों को प्रवेश से लेकर निकासी तक लगभग 5 से 6 किलोमीटर तक पैदल चलना पड़ सकता है। चारदीवारी इलाके में पब्लिक ट्रांसपोर्ट पूरी तरह से बंद रहेगा। ऐसे में प्रशासन ने निजी वाहनों का इस्तेमाल कम करने और मेट्रो या अन्य सार्वजनिक परिवहन विकल्पों का उपयोग करने की अपील की है।

कहां से मिलेगी एंट्री और कहां से होगी निकासी?

  • प्रवेश व्यवस्था: मंदिर में एंट्री केवल जलेब चौक की तरफ स्थित बांदरवाल गेट से ही मिलेगी। अन्य सभी रास्ते पूरी तरह बंद रहेंगे। जलेब चौक पर तीन अलग-अलग लाइनें बनाई गई हैं:

    1. पास धारकों के लिए

    2. बिना जूते-चप्पल वाले श्रद्धालुओं के लिए

    3. जूते-चप्पल पहनकर आने वालों के लिए

  • जूता स्टैंड: प्रशासन की अपील है कि सुचारू दर्शन के लिए बिना जूते-चप्पल के ही आएं। यदि पहनकर आते हैं, तो इन्हें पुरानी विधानसभा के पास बनाए गए स्टैंड पर रखना होगा। मंदिर परिसर में जूते रखने की कोई व्यवस्था नहीं होगी।

  • निकासी व्यवस्था: दर्शन के बाद वापस प्रवेश द्वार की तरफ जाने की अनुमति नहीं होगी। भक्तों की निकासी जय निवास बाग के पूर्वी और पश्चिमी गेट से की जाएगी।

पार्किंग और ट्रैफिक सुविधा के लिए जारी हुआ QR कोड

प्रशासन ने रामनिवास बाग, चौगान स्टेडियम और जैम सिनेमा के पास वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था की है। प्रशासन ने रामनिवास बाग पार्किंग का सबसे अधिक उपयोग करने की सलाह दी है, जहां से मंदिर तक पैदल जाना होगा। यातायात पुलिस ने एक खास क्यूआर कोड (QR Code) भी जारी किया है। इसे स्कैन करके श्रद्धालु लाइव पार्किंग स्टेटस, ट्रैफिक डायवर्जन, वैकल्पिक मार्ग और नजदीकी रास्तों की जानकारी अपने मोबाइल पर ही पा सकते हैं।

31 तोपों की सलामी और 800+ किलो पंचामृत से महाभिषेक

रात 12 बजे जैसे ही कान्हा का जन्म होगा, 31 तोपों की हवाई गर्जना और विशेष आतिशबाजी से जन्मोत्सव का स्वागत किया जाएगा। इसके बाद ठाकुर जी का पंचामृत से महाभिषेक होगा। मंदिर के मुख्य सेवादार मानस गोस्वामी के अनुसार, इस महाभिषेक के लिए 425 लीटर दूध, 365 किलो दही, 11 किलो घी, 85 किलो बूरा और 11 किलो शहद की विशेष व्यवस्था की गई है।

सुरक्षा के लिए 1000 पुलिसकर्मी और AI कैमरे तैनात

सुरक्षा को चाक-चौबंद रखने के लिए मंदिर और उसके आसपास के इलाके को 12 सेक्टरों में बांटा गया है। यहां 1000 से ज्यादा पुलिसकर्मी तीन शिफ्टों में तैनात रहेंगे। घुड़सवार पुलिस, एडिशनल डीसीपी, एसीपी और आरएसी की कंपनियां भी मोर्चा संभालेंगी।

चप्पे-चप्पे पर नजर रखने के लिए CCTV और AI आधारित कैमरों के साथ 'फेस रिकॉग्निशन सिस्टम' का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके साथ ही, 3000 स्वयंसेवक और 150 स्काउट भी व्यवस्था संभालने और भक्तों की मदद के लिए मौजूद रहेंगे। दर्शनार्थियों की सुविधा के लिए जगह-जगह 13 एलईडी स्क्रीन लगाई गई हैं और सहायता केंद्र भी बनाए गए हैं।