राजस्थान के बाड़मेर रेलवे स्टेशन पर शुक्रवार दोपहर को एक बेहद खौफनाक हादसा होने से बाल-बाल टल गया। रेलवे स्टेशन पर चल रहे विकास कार्य के दौरान बजरी से भरे एक डंपर की लिफ्ट ऊपर करते समय वह अचानक हवा में गुजर रही 11केवी (11KV) हाईटेंशन बिजली लाइन की चपेट में आ गया। लाइन टच होते ही जोरदार धमाका हुआ, जिससे डंपर का टायर फट गया और ड्राइवर करंट की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गया। गनीमत यह रही कि बिजली ग्रिड का ऑटोकट सिस्टम काम कर गया और तुरंत लाइट ट्रिप हो गई, जिससे एक बहुत बड़ी जनहानि टल गई।
रेलवे स्टेशन पर चल रहा है विकास कार्य, लिफ्ट उठाते ही हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार, इन दिनों अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत बाड़मेर रेलवे स्टेशन पर फ्रेटलाइन और प्लेटफॉर्म विस्तार का काम बड़े पैमाने पर चल रहा है। इसी निर्माण कार्य को लेकर स्टेशन परिसर में जेसीबी मशीनें और डंपर लगातार बजरी और कंक्रीट डालने का काम कर रहे हैं।
शुक्रवार दोपहर को बाड़मेर के दरूड़ा निवासी ड्राइवर सदीक खान (39) बजरी से भरा डंपर लेकर गांधी नगर बाउंड्री के पास पहुंचा था। वहां बजरी खाली करने के लिए जैसे ही उसने डंपर की हाइड्रोलिक लिफ्ट को ऊपर की तरफ उठाया, उसका ध्यान ऊपर से गुजर रही 11केवी की हाईटेंशन लाइन पर नहीं गया। लिफ्ट सीधे तौर पर चालू बिजली की तारों से टच हो गई।
जोरदार धमाके के साथ फटा टायर, घायल हुआ ड्राइवर
डंपर के बिजली लाइन से छूते ही पूरी गाड़ी में हाई वोल्टेज करंट फैल गया। करंट का झटका इतना तेज था कि डंपर का भारी-भरकम टायर धमाके के साथ फट गया। गाड़ी में करंट दौड़ने से ड्राइवर सदीक खान बुरी तरह झुलस गया और करंट के प्रभाव से उसका पैर फट गया।
हादसे के वक्त आसपास मौजूद गांधी नगर निवासी हनुमानाराम ने बताया, "मैं अपने घर में बैठा था कि अचानक घर के अंदर फ्रिज में तेज धमाका हुआ। मुझे लगा कि हाई वोल्टेज आ गया है। जब मैं तुरंत दौड़कर घर से बाहर निकला, तो देखा कि रेलवे बाउंड्री के पास खड़े डंपर का टायर फटा हुआ था और वह 11केवी लाइन से सटा हुआ था।"
डिस्कॉम के 'ऑटोकट' सिस्टम ने बचाई जान
इस पूरे हादसे में सबसे राहत की बात डिस्कॉम (Discom) का आधुनिक सुरक्षा तंत्र रहा। डंपर जैसे ही लाइन से टच हुआ, ट्रांसफॉर्मर और जीएसएस से लाइट ऑटोकट (ट्रिप) हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि अगर समय रहते बिजली की सप्लाई अपने आप बंद नहीं होती, तो डंपर के सारे टायर फट जाते, गाड़ी में आग लग सकती थी और ड्राइवर की मौके पर ही मौत हो सकती थी।
हादसे के तुरंत बाद वहां काम कर रहे अन्य कर्मचारियों और स्थानीय लोगों की भीड़ जमा हो गई। उन्होंने हिम्मत दिखाकर घायल ड्राइवर सदीक खान को केबिन से बाहर निकाला और एक प्राइवेट गाड़ी की मदद से तुरंत जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका इलाज चल रहा है। घटना की सूचना मिलते ही डिस्कॉम की टीम भी मौके पर पहुंची और लाइन की मरम्मत करने के बाद क्षेत्र की बिजली सप्लाई को दोबारा सुचारू किया जा सका।