बीकानेर जिले के श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र में हुए दर्दनाक सड़क हादसे ने एक पूरे परिवार को खत्म कर दिया। सोमवार को कार और डंपर की भीषण भिड़ंत में गंभीर रूप से घायल हुई मासूम तन्वी ने भी मंगलवार सुबह इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इसके साथ ही हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर 7 हो गई है। कार में सवार परिवार के सभी सदस्य इस हादसे का शिकार हो गए।

यह दर्दनाक हादसा सोमवार दोपहर राष्ट्रीय राजमार्ग-11 पर होटल नजद सिजराल के पास हुआ था। हरियाणा के फतेहाबाद जिले के मताना गांव निवासी ओमप्रकाश सुथार अपने परिवार के साथ मुकाम धाम के दर्शन कर घर लौट रहे थे। इसी दौरान उनकी स्विफ्ट डिजायर कार की सामने से आ रहे डंपर से आमने-सामने टक्कर हो गई।

टक्कर इतनी भीषण थी कि कार के परखच्चे उड़ गए और वाहन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे में कार चला रहे 60 वर्षीय ओमप्रकाश सुथार, उनकी पत्नी सोरमा देवी, बेटी प्रमिला, दोहिती यशवी, दोहिती खुशी और पोते रोनित की मौके पर ही मौत हो गई थी। गंभीर रूप से घायल तन्वी को अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां मंगलवार सुबह उसने भी दम तोड़ दिया।

जानकारी के अनुसार ओमप्रकाश सुथार 31 मई को फतेहाबाद के डीडीपीओ कार्यालय से वरिष्ठ लेखाकार (सीनियर अकाउंटेंट) पद से सेवानिवृत्त हुए थे। सेवानिवृत्ति के महज 15 दिन बाद वे अपने परिवार के साथ मुकाम धाम दर्शन के लिए आए थे। दर्शन करने के बाद सोमवार सुबह परिवार घर लौट रहा था, तभी यह हादसा हो गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दुर्घटना इतनी भयावह थी कि कार बुरी तरह चकनाचूर हो गई। पुलिस और स्थानीय लोगों को शव निकालने के लिए कटर की मदद लेनी पड़ी। ओमप्रकाश का शव स्टेयरिंग और सीट के बीच फंस गया था, जिसे काफी मशक्कत के बाद बाहर निकाला गया।

घायल तन्वी को पहले श्रीडूंगरगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और बाद में बीकानेर के पीबीएम अस्पताल रेफर किया गया था। डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद उसकी जान नहीं बचाई जा सकी।

इस हादसे ने पूरे परिवार की खुशियां छीन लीं। ओमप्रकाश की बेटी प्रमिला, उसकी तीनों बेटियां और पोते की भी मौत हो गई। परिवार में अब केवल ओमप्रकाश का बेटा और बहू ही बचे हैं।

घटना के बाद हरियाणा और राजस्थान दोनों राज्यों में शोक की लहर है। पुलिस ने मामला दर्ज कर हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है।