दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला में बुधवार शाम आए दो शक्तिशाली भूकंपों ने भारी तबाही मचा दी। अमेरिकी जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) के अनुसार पहले 7.2 और कुछ सेकेंड बाद 7.5 तीव्रता का दूसरा भूकंप दर्ज किया गया। दोनों भूकंपों का केंद्र राजधानी कराकस से करीब 290 किलोमीटर पश्चिम में था।

भूकंप के झटके इतने तेज थे कि राजधानी कराकस समेत कई शहरों में इमारतें क्षतिग्रस्त हो गईं। अब तक 32 लोगों की मौत और 700 से अधिक लोगों के घायल होने की पुष्टि हुई है। हालात की गंभीरता को देखते हुए कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज ने पूरे देश में राष्ट्रीय आपातकाल घोषित कर दिया है।

एयरपोर्ट की छत गिरी, कई इमारतें मलबे में तब्दील

स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार कराकस के माइकेतिया अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट की छत का एक हिस्सा भूकंप के दौरान गिर गया, जिससे वहां अफरा-तफरी मच गई। कई बहुमंजिला इमारतें पूरी तरह ढह गईं और बड़ी संख्या में लोग मलबे में फंस गए।

राहत एवं बचाव दल रातभर अभियान चलाकर लोगों को सुरक्षित निकालने में जुटे रहे। अधिकारियों के मुताबिक अब तक 18 लोगों को मलबे से जिंदा बाहर निकाला गया है, जबकि 500 से ज्यादा बचावकर्मी विभिन्न प्रभावित इलाकों में तैनात हैं।

ला गुआइरा राज्य सबसे ज्यादा प्रभावित

भूकंप का सबसे ज्यादा असर राजधानी के उत्तर में स्थित ला गुआइरा राज्य में देखा गया। नेशनल असेंबली के अध्यक्ष जॉर्ज रोड्रिगेज ने बताया कि इलाके में कम से कम 15 इमारतें ढह गई हैं। राहत दल लगातार मलबे में फंसे लोगों की तलाश कर रहे हैं।

कराकस के बरूटा क्षेत्र में भी तीन लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। स्थानीय प्रशासन ने बताया कि कई इलाकों में बचाव अभियान पूरा कर लिया गया है, जबकि अन्य स्थानों पर खोज अभियान जारी है।

गैस सप्लाई बंद, एयरपोर्ट किया गया बंद

भूकंप के बाद संभावित गैस रिसाव और विस्फोट जैसी घटनाओं को रोकने के लिए सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों में गैस आपूर्ति अस्थायी रूप से बंद कर दी है। वहीं सुरक्षा कारणों से माइकेतिया अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट को अगली सूचना तक बंद रखने का फैसला लिया गया है।

गृह मंत्री डियोसदादो काबेलो ने लोगों से इमारतों, बड़े पेड़ों और क्षतिग्रस्त ढांचों से दूर रहने तथा खुले स्थानों में रहने की अपील की है।

भारत और अमेरिका ने मदद का दिया भरोसा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भूकंप पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि भारत इस कठिन समय में वेनेजुएला के लोगों के साथ खड़ा है और जरूरत पड़ने पर हरसंभव सहायता उपलब्ध कराएगा।

वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भी राहत सहायता का ऐलान करते हुए कहा कि अमेरिका हर संभव मदद के लिए तैयार है और संबंधित एजेंसियों को तत्काल तैयारी के निर्देश दिए गए हैं।

सुनामी का खतरा टला

भूकंप के तुरंत बाद अमेरिकी सुनामी चेतावनी केंद्र ने तटीय इलाकों के लिए अलर्ट जारी किया था, लेकिन बाद में स्थिति का आकलन करने के बाद सुनामी का खतरा समाप्त घोषित कर दिया गया। इससे तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को बड़ी राहत मिली है।

126 साल में सबसे शक्तिशाली भूकंप

विशेषज्ञों के अनुसार यह पिछले 126 वर्षों में वेनेजुएला में आया सबसे शक्तिशाली भूकंप माना जा रहा है। इससे पहले वर्ष 1900 में 7.7 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया था। वहीं 1967 में कराकस में आए 6.6 तीव्रता के भूकंप में 200 से अधिक लोगों की जान चली गई थी।

USGS ने आशंका जताई है कि प्रभावित क्षेत्र में जनहानि का आंकड़ा और बढ़ सकता है। राहत एजेंसियां लगातार मलबे में फंसे लोगों की तलाश में जुटी हुई हैं और पूरे देश में आपदा प्रबंधन की टीमें हाई अलर्ट पर हैं।