अजमेर/अंबाला: हरियाणा के अंबाला में विस्फोटक सामग्री के साथ पकड़े गए अजमेर निवासी अली अकबर उर्फ बाबू का आपराधिक इतिहास भी सामने आने लगा है। जांच में पता चला है कि आरोपी पहले भी पुलिस के हत्थे चढ़ चुका है। करीब चार साल पहले उसने अजमेर में एक गेस्ट हाउस मालिक को धमकाते हुए खुद को लॉरेंस गैंग से जुड़ा बताया था और डराने की कोशिश की थी।
अंबाला में विस्फोटक के साथ गिरफ्तारी
हरियाणा पुलिस ने हाल ही में अंबाला क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए अली अकबर उर्फ बाबू को संदिग्ध परिस्थितियों में पकड़ा। उसके पास से विस्फोटक सामग्री बरामद होने के बाद पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। प्रारंभिक जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं और उसके नेटवर्क तथा संभावित संपर्कों की भी पड़ताल की जा रही है।
अजमेर में पहले भी दर्ज हो चुका है मामला
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार अली अकबर का नाम पहले भी विवादों में आ चुका है। लगभग चार साल पहले अजमेर में एक गेस्ट हाउस मालिक इकबाल अहमद से उसका विवाद हुआ था। उस दौरान आरोपी ने मालिक को धमकाते हुए कहा था कि वह उसे पहचानता नहीं है और उसका संबंध लॉरेंस गैंग से है। इस घटना के बाद पीड़ित ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी और पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार किया था।
धमकी देकर डराने की कोशिश
उस समय सामने आया था कि अली अकबर ने गेस्ट हाउस मालिक को फोन और आमने-सामने दोनों तरह से धमकाया था। उसने खुद को बड़े गैंग से जुड़ा बताकर डर का माहौल बनाने की कोशिश की थी। मामले की जांच के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की थी।
पुराने रिकॉर्ड खंगाल रही पुलिस
अंबाला में गिरफ्तारी के बाद अब हरियाणा पुलिस आरोपी के पुराने मामलों और आपराधिक गतिविधियों की जानकारी जुटा रही है। इसके लिए राजस्थान पुलिस से भी संपर्क किया जा रहा है, ताकि उसके पिछले रिकॉर्ड और संभावित गैंग कनेक्शन की पुष्टि की जा सके।
नेटवर्क और मकसद की जांच
पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि आरोपी के पास से बरामद विस्फोटक सामग्री किस उद्देश्य से लाई गई थी और इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क तो सक्रिय नहीं है। फिलहाल आरोपी से पूछताछ जारी है और उसके संपर्कों की भी जांच की जा रही है।
सुरक्षा एजेंसियां सतर्क
मामले की गंभीरता को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां भी अलर्ट हो गई हैं। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि आरोपी की गतिविधियों के पीछे असली मकसद क्या था और वह किन लोगों के संपर्क में था।