डीडवाना-कुचामन जिले के पांचोता गांव के वीर सपूत और अग्निवीर वायु सैनिक खेमाराम कुमावत (22) को सोमवार को पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। उनकी पार्थिव देह दोपहर करीब 12 बजे जयपुर एयरपोर्ट पहुंची, जहां जनप्रतिनिधियों, सैन्य अधिकारियों और आम नागरिकों ने श्रद्धांजलि अर्पित की।

इसके बाद पार्थिव देह को सड़क मार्ग से नावां सांभर चौराहा लाया गया, जहां हजारों लोगों की मौजूदगी में करीब 5 किलोमीटर लंबी तिरंगा यात्रा निकाली गई। यात्रा सांभर चौराहे से हेमपुरा मार्ग होते हुए पांचोता गांव के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय परिसर पहुंची, जहां शहीद को श्रद्धांजलि सभा आयोजित कर अंतिम सलाम दिया गया।

13 जून को असम में हुआ था विमान हादसा

गौरतलब है कि 13 जून को असम के जोरहाट स्थित रौरिया इंडियन एयरबेस पर भारतीय वायुसेना का AN-32 ट्रांसपोर्ट विमान लैंडिंग के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। विमान में अचानक आग लग गई और वह दो हिस्सों में टूट गया। इस भीषण हादसे में अग्निवीर खेमाराम कुमावत समेत पांच जवान शहीद हो गए थे।

परिवार में चल रही थी शादी की तैयारी

शहीद के बड़े भाई राजेंद्र कुमावत ने बताया कि खेमाराम ने दिसंबर 2022 में वायुसेना जॉइन की थी और उनके अग्निवीर कार्यकाल के केवल चार महीने ही शेष थे। परिवार में उनकी शादी को लेकर बातचीत चल रही थी। हादसे की खबर मिलने के बाद पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।

पिता बोले- बेटे की शहादत पर गर्व

शहीद के पिता रामदेव कुमावत ने भावुक होते हुए कहा कि बेटे को खोने का दुख कभी कम नहीं हो सकता, लेकिन उन्हें गर्व है कि उनका बेटा देश की सेवा करते हुए शहीद हुआ। उन्होंने कहा कि यह पूरे परिवार और गांव के लिए गर्व का क्षण है।

गांव में उमड़ा जनसैलाब

पार्थिव देह के गांव पहुंचने से पहले ही हजारों ग्रामीण, रिश्तेदार और युवा हाथों में तिरंगा लेकर सड़कों पर उतर आए। अंतिम यात्रा के दौरान "भारत माता की जय" और "खेमाराम अमर रहें" के नारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। अंतिम संस्कार गांव के पास खेत में पूरे सैन्य सम्मान के साथ किया गया।