राजस्थान के बीकानेर जिले में रिश्तों को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक दामाद ने अपने दो दोस्तों के साथ मिलकर ससुराल में सेंध लगाकर 22 लाख रुपए चोरी कर लिए। खेत बेचने के बाद घर में रखी रकम की जानकारी मिलने पर आरोपियों ने वारदात की साजिश रची और रात के अंधेरे में उसे अंजाम दे दिया।
मामला खाजूवाला थाना क्षेत्र के चक 17 बीडी गांव का है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी दामाद और उसके दोनों साथियों को गिरफ्तार कर लिया है। साथ ही चोरी की रकम में से 13 लाख 35 हजार रुपए भी बरामद कर लिए गए हैं। शेष करीब 9 लाख रुपए की तलाश जारी है।
खेत बेचने के पैसों पर थी नजर
खाजूवाला थाना प्रभारी सुरेंद्र प्रजापत ने बताया कि 17 जून को चक 17 बीडी निवासी गिरधारीराम मेघवाल ने चोरी की रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। शिकायत में उन्होंने बताया कि 16 जून को उनके घर में रखे 22 लाख रुपए चोरी हो गए।
गिरधारीराम ने पुलिस को बताया कि उन्होंने हाल ही में अपना खेत बेचा था, जिसके बदले उन्हें 22 लाख रुपए मिले थे। यह राशि घर में रखे एक संदूक में सुरक्षित रखी गई थी। इसी दौरान उनके दामाद सोहनलाल नायक को पैसों की जानकारी मिल गई।
दोस्तों के साथ मिलकर बनाया चोरी का प्लान
जांच में सामने आया कि सोहनलाल नायक ने अपने दोस्तों बूटा सिंह और दुलीचंद नायक को घर में रखी रकम के बारे में बताया। इसके बाद तीनों ने मिलकर चोरी की योजना बनाई। आरोपियों ने बिजनेस शुरू करने के नाम पर पैसों को हासिल करने की साजिश रची।
वारदात वाली रात तीनों आरोपी ससुराल पहुंचे और मकान की दीवार में छेद कर घर के अंदर घुस गए। इसके बाद संदूक का ताला तोड़कर उसमें रखे 22 लाख रुपए लेकर फरार हो गए।
ससुर को पहले दिन ही हो गया था शक
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी सोहनलाल मूल रूप से श्रीगंगानगर का रहने वाला है और वर्तमान में आसपास के क्षेत्र में खेतों में काम करता था। बताया जा रहा है कि वह नशे का आदी है और बड़ी रकम देखकर उसकी नीयत बदल गई।
घटना के अगले ही दिन गिरधारीराम को शक हो गया था कि चोरी के पीछे उनके दामाद का हाथ है। इसके बाद उन्होंने दामाद और उसके दोनों दोस्तों के खिलाफ मामला दर्ज कराया।
13.35 लाख रुपए बरामद, 9 लाख की तलाश जारी
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान उनकी निशानदेही पर चोरी की रकम में से 13 लाख 35 हजार रुपए बरामद कर लिए गए।
हालांकि अभी भी करीब 9 लाख रुपए बरामद नहीं हो सके हैं। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि बाकी रकम आरोपियों ने कहां छिपाई है या फिर खर्च कर दी है।
फिलहाल तीनों आरोपियों से पूछताछ जारी है और पुलिस मामले के अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।