बाड़मेर, राजस्थान: एक सरकारी स्कूल के शिक्षक ने अपनी सहकर्मी महिला शिक्षिकाओं को अश्लील संदेश भेजकर रेप करने और जान से मारने की गंभीर धमकी दी है। इस मामले में पीड़ित शिक्षिकाओं की शिकायत पर शिक्षा विभाग ने आरोपी शिक्षक को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है, जबकि पुलिस ने उसे डिटेन (पाबंद) किया है। विभाग ने जांच के लिए तीन महिला अधिकारियों की विशेष समिति भी गठित की है, जो पांच दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।

घटना का विवरण

बाड़मेर जिले में दो अलग-अलग सरकारी स्कूलों की चार महिला शिक्षिकाओं ने सोमवार को जिला कलेक्टर से मिलकर आरोपी शिक्षक के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के साथ उन्होंने व्हाट्सएप चैट के स्क्रीनशॉट भी प्रस्तुत किए, जो आरोपी की हरकतों के सबूत के रूप में पेश किए गए।

पीड़िताओं के अनुसार, आरोपी शिक्षक ने अपने मोबाइल नंबर से निजी चैट में अश्लील संदेश भेजे। इसके अलावा, स्कूल के व्हाट्सएप ग्रुप में भी अभद्र और अश्लील मैसेज भेजे गए। धमकियां और भी गंभीर थीं—एक शिक्षिका को कहा गया कि उसे घर से उठाकर रेप किया जाएगा और विरोध करने पर जान से मार दिया जाएगा। आरोपी ने अन्य महिला स्टाफ, जिसमें एक प्रिंसिपल भी शामिल हैं, को गाली-गलौज की और धमकियां दीं। देर रात मोबाइल कॉल करके भी मानसिक प्रताड़ना की गई, जिससे शिक्षिकाएं काफी परेशान हुईं।

शिक्षा विभाग की त्वरित कार्रवाई

शिकायत मिलते ही जिला शिक्षा अधिकारी कृष्ण सिंह रानीगांव ने आरोपी शिक्षक को तत्काल सस्पेंड कर दिया। साथ ही, उसके मुख्यालय को बदलकर सेड़वा बीईईओ ऑफिस कर दिया गया है। जांच प्रक्रिया को पारदर्शी और संवेदनशील बनाने के लिए तीन महिला अधिकारियों की जांच समिति गठित की गई है। यह समिति निर्धारित समय (पांच दिन) में अपनी रिपोर्ट सौंपेगी, जिसके आधार पर आगे की विभागीय कार्रवाई तय की जाएगी।

पुलिस की भूमिका

पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी शिक्षक को डिटेन कर लिया है। हालांकि, आरोपी का नाम आधिकारिक रूप से सार्वजनिक नहीं किया गया है।

पीड़िताओं की स्थिति

चार महिला शिक्षिकाएं (दो स्कूलों से) सामने आईं और कलेक्टर को शिकायत दी। उनकी मानसिक स्थिति प्रभावित होने की आशंका है, क्योंकि लगातार धमकियां और प्रताड़ना का सामना करना पड़ा। यह मामला शिक्षा के क्षेत्र में महिलाओं की सुरक्षा और कार्यस्थल पर उत्पीड़न के मुद्दे को फिर से उजागर करता है।