जयपुर। क्या आपके घर में भी कोई प्यारा सा डॉगी या बिल्ली आपका दिल बहलाती है? अगर हाँ, तो यह खबर सीधे आपकी जेब और आपके प्यारे पेट्स से जुड़ी हुई है। इंसानों की तरह अब आपके पालतू जानवरों का भी पूरा आधिकारिक रिकॉर्ड सरकारी फाइलों में दर्ज होने जा रहा है। अगर आपने थोड़ी सी भी लापरवाही बरती, तो सीधा 5,000 रुपये का भारी-भरकम जुर्माना चुकाना पड़ सकता है!

जी हां, जयपुर नगर निगम (JMC) ने शहर में रहने वाले सभी पेट ओनर्स के लिए पालतू कुत्तों और बिल्लियों का रजिस्ट्रेशन (पंजीकरण) अनिवार्य कर दिया है।

2 महीने की मोहलत, 30 सितंबर के बाद सीधा ₹5,000 का फटका

जयपुर नगर निगम ने शहरवासियों को इस कागजी प्रक्रिया को पूरा करने के लिए 2 महीने का समय (30 सितंबर तक) दिया है।

  • रजिस्ट्रेशन फीस: नए नियमों के तहत पहली बार रजिस्ट्रेशन कराने पर ₹1,000 प्लस GST की फीस तय की गई है।

  • सालाना रिन्यूअल: इसे हर साल रिन्यू कराने के लिए ₹500 प्लस GST देने होंगे।

  • जुर्माना और पेनल्टी: यदि 30 सितंबर तक आपने अपने पालतू जानवर का रजिस्ट्रेशन नहीं कराया, तो निगम सीधे ₹5,000 तक का जुर्माना वसूलेगा। इसके अलावा अन्य नियमों का उल्लंघन करने पर अलग से ₹2,000 की पेनल्टी भी लग सकती है।

क्यों लागू हुए ये कड़े नियम? आयुक्त ने बताई वजह

नगर निगम आयुक्त ओम कसेरा के अनुसार, इस पूरे कदम का मुख्य मकसद लोगों से केवल जुर्माना वसूलना नहीं, बल्कि जयपुर शहर को 'रेबीज-मुक्त' (Rabies-Free) बनाना है।

जब हर पालतू जानवर का रिकॉर्ड नगर निगम के पास होगा, तो उनके वैक्सीनेशन (टीकाकरण) का डेटा आसानी से ट्रैक किया जा सकेगा।

  • वैक्सीनेशन अनिवार्य: हर पालतू कुत्ते और बिल्ली को 3 महीने की उम्र में पहला एंटी-रेबीज टीका लगना जरूरी है। इसके बाद हर साल बूस्टर डोज लगवाना अनिवार्य होगा।

  • दुकानदारों और ब्रीडर्स पर भी शिकंजा: अब कोई भी पेट शॉप या ब्रीडर बिना नगर निगम में रजिस्ट्रेशन कराए किसी जानवर को बेच या ट्रांसफर नहीं कर सकेगा। 3 महीने से छोटे बच्चों को बेचते समय खरीदार को शपथ पत्र (Affidavit) देना होगा कि वह समय पर एंटी-रेबीज वैक्सीन लगवाएगा।

2 अगस्त को लगेगा 'पेट कार्निवल', ऑन द स्पॉट होगा काम

पेट ओनर्स को दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़े, इसके लिए नगर निगम फ्रेंड्सशिप डे के मौके पर 2 अगस्त को शहर का सबसे बड़ा 'पेट कार्निवल' आयोजित करने जा रहा है।

यहाँ पेट ओनर्स को ऑन-द-स्पॉट रजिस्ट्रेशन, फ्री एंटी-रेबीज वैक्सीनेशन, हेल्थ चेकअप और पेट्स से जुड़ी कई तरह की सुविधाएं एक ही जगह मिलेंगी।

सस्पेंस और निष्कर्ष: क्या इस बार सच में सख्ती होगी या मामला ठंडे बस्ते में जाएगा?

नगर निगम ने तो साफ कर दिया है कि अगर बिना रजिस्ट्रेशन वाला कुत्ता या बिल्ली पकड़ा जाता है, तो उसके रख-रखाव के लिए मालिक से रोजाना ₹100 के हिसाब से हॉस्टलिंग चार्ज भी वसूला जाएगा।