देश की राजधानी दिल्ली में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। 11 साल की एक मासूम बच्ची के साथ रेप कर उसकी बेरहमी से हत्या करने वाले आरोपी कैब ड्राइवर बबलू को पुलिस ने एनकाउंटर में घायल कर दिया है। वारदात के चंद घंटों के भीतर पुलिस ने आरोपी को धर दबोचा था और मंगलवार रात भागने की कोशिश के दौरान उसे गोली लगी।
क्राइम सीन रीक्रिएशन के दौरान भागने की कोशिश पुलिस के अनुसार, मंगलवार रात को जांच टीम आरोपी बबलू को घटना का सीन रीक्रिएट करने के लिए महरौली के जंगलों में ले गई थी। इसी दौरान आरोपी ने मौका पाकर भागने का प्रयास किया। पुलिस टीम ने उसे रुकने की चेतावनी दी, लेकिन जब वह नहीं रुका तो उसे रोकने के लिए उसके पैर में गोली मार दी गई। गोली लगने के बाद पुलिसकर्मियों ने उसे कंधे पर उठाकर अस्पताल पहुंचाया, जहां दर्द से कराहते हुए उसका इलाज चल रहा है।
फुटपाथ से किया अगवा, 7 घंटे में हुआ गिरफ्तार सोमवार सुबह करीब 6 बजे पीड़ित परिवार ने महरौली थाने में पीसीआर (PCR) कॉल के जरिए बच्ची के गायब होने की सूचना दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत 200 से अधिक सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की फुटेज खंगाली और मुखबिरों का जाल बिछाया। पुलिस की इस मुस्तैदी से वारदात के महज 7 घंटे के भीतर ही आरोपी बबलू को गिरफ्तार कर लिया गया। सख्ती से पूछताछ करने पर उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया, जिसके बाद उसकी निशानदेही पर बच्ची का शव महरौली के जंगल से बरामद किया गया।
नींद में उठाया और उतार दिया मौत के घाट पुलिस पूछताछ में आरोपी ने कई खौफनाक खुलासे किए:
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तड़के 4 बजे अगवा: आरोपी ने बताया कि सड़क से गुजरते समय उसने सीडीआर (CDR) चौक के पास फुटपाथ पर बच्ची को सोते हुए देखा था। उसने नींद में ही उसे उठाया और कार की पिछली सीट पर डाल लिया।
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बॉर्डर पर दरिंदगी: वह बच्ची को फरीदाबाद-गुरुग्राम बॉर्डर के पास एक सुनसान जगह पर ले गया, जहां उसने रेप की वारदात को अंजाम दिया।
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बेरहमी से हत्या: दरिंदगी के बाद आरोपी ने कपड़े से मासूम का गला घोंट दिया और पत्थर से उसकी छाती कुचल दी। इसके बाद शव को महरौली के जंगलों में छिपा दिया।
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हत्या के बाद वह बेखौफ होकर वापस लौटा और अपनी कैब में सवारियां भी बिठाईं।
किराया न होने पर फुटपाथ पर रह रहा था परिवार महरौली पुलिस के मुताबिक, पीड़ित परिवार और आरोपी दोनों मूल रूप से बिहार के रहने वाले हैं। पीड़ित परिवार पहले किराए के मकान में रहता था, लेकिन गरीबी के कारण किराया नहीं दे पाने पर उन्हें घर खाली करना पड़ा। इसके बाद से माता-पिता अपने चार बच्चों के साथ फुटपाथ पर ही रहने को मजबूर थे। माता-पिता दिहाड़ी मजदूरी करते हैं, जबकि मृतका गुब्बारे बेचकर परिवार की मदद करती थी।
वहीं, एप-बेस्ड कैब चलाने वाले आरोपी ड्राइवर बबलू का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया है। पुलिस के अनुसार, उस पर पहले से भी मारपीट और नशे में टैक्सी चलाने के कुछ केस दर्ज हैं। फिलहाल बच्ची के शव का पोस्टमॉर्टम कराया जा रहा है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।