राजधानी जयपुर के मानसरोवर इलाके में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां मकान खाली करने और एडवांस किराए के विवाद में एक किराएदार ने अपने ही मकान मालिक की बेरहमी से हत्या कर दी। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए शुक्रवार दोपहर आरोपी किराएदार (जूनियर अकाउंटेंट) को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी हत्या के बाद अपने एक रिश्तेदार के घर जाकर छिप गया था, जहां से पुलिस ने उसे धर दबोचा।

डीसीपी (साउथ) राजर्षि राज वर्मा ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि यह खौफनाक घटना मानसरोवर के रजतपथ इलाके में गुरुवार शाम को हुई। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी किराएदार मौके से फरार हो गया था। पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया है कि मकान मालिक की लहूलुहान लाश देखकर वह बुरी तरह डर गया था और वहां से भागकर अपने रिश्तेदार के घर छिप गया था।

दीपक उसे तुड़वाकर नया बनवाना चाहते

पुलिस जांच में सामने आया है कि मृतक दीपक कुलश्रेष्ठ के रजत पथ पर दो मकान हैं। एक मकान में वह खुद रहते थे, जबकि महज 400 मीटर दूर स्थित दूसरा मकान उन्होंने आरोपी महेश शर्मा को किराए पर दिया था। महेश पिछले तीन साल से अपनी बहन के साथ वहां रह रहा था।

चूंकि मकान काफी पुराना हो चुका था, इसलिए दीपक उसे तुड़वाकर नया बनवाना चाहते थे। इसी वजह से उन्होंने किराएदार को मकान खाली करने का नोटिस दिया था। पिछले दो-तीन महीनों से दोनों के बीच मकान खाली करने को लेकर लगातार कहासुनी चल रही थी।

चाबी सौंपने के दौरान हुई बहस और फिर हत्या

मानसरोवर थाने के SHO सतीश चन्द के अनुसार, जूनियर अकाउंटेंट महेश ने 1 सितंबर को मकान खाली कर दिया था। गुरुवार शाम करीब 5:30 बजे वह मकान मालिक दीपक को घर की चाबी सौंपने पहुंचा था। इसी दौरान एडवांस में दिए गए रुपयों के हिसाब को लेकर दोनों के बीच तीखी बहस हो गई।

गुस्से में आकर महेश ने पोर्च में पड़ी करीब 4 किलो वजनी सीमेंट की ईंट उठाई और दीपक के सिर पर जोरदार वार कर दिया। हमला इतना तेज था कि दीपक लहूलुहान होकर निढाल हो गए और फर्श पर गिर पड़े। अधिक खून बहने की वजह से मौके पर ही उनकी मौत हो गई।

कौन था मृतक मकान मालिक?

मृतक दीपक कुलश्रेष्ठ (54) गुरुग्राम (गुड़गांव) की एक प्राइवेट कंपनी में कंसल्टेंट के पद पर कार्यरत थे। पत्नी से तलाक होने के बाद वह अपनी बुजुर्ग मां के साथ जयपुर में रह रहे थे। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।