जयपुर की अवैध पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण अग्निकांड में 8 लोगों की मौत के बाद जांच में चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं। इस पूरे नेटवर्क का कथित मास्टरमाइंड फिरोज खान कभी एक साधारण मजदूर था, लेकिन कुछ ही वर्षों में उसने अवैध पटाखा कारोबार का ऐसा साम्राज्य खड़ा कर लिया, जिसकी जड़ें राजस्थान समेत पांच राज्यों तक फैली हुई थीं।

जांच एजेंसियों के अनुसार गाजियाबाद निवासी फिरोज खान दिल्ली-एनसीआर में पटाखा फैक्ट्री में काम करता था। दिल्ली में पटाखों पर प्रतिबंध लगने के बाद उसका रोजगार छिन गया। इसके बाद उसने जयपुर को नया ठिकाना बनाया और यहां से अवैध बारूद एवं पटाखा कारोबार की शुरुआत की।

जयपुर से शुरू हुआ करोड़ों का नेटवर्क

करीब छह साल पहले जयपुर पहुंचे फिरोज की मुलाकात खोह नागोरियान क्षेत्र के कय्यूम और याकूब से हुई। शुरुआत में किरायेदार बनकर रहने वाला फिरोज जल्द ही दोनों भाइयों का कारोबारी साझेदार बन गया। दिल्ली से बारूद लाकर जयपुर में पटाखे तैयार करवाए जाते और फिर विभिन्न राज्यों में सप्लाई किए जाते थे।

समय के साथ कारोबार बढ़ता गया और आसपास के इलाकों में कई मकान किराए पर लेकर गोदाम और अवैध फैक्ट्रियां संचालित की जाने लगीं।

दिल्ली में आलीशान बंगला, जयपुर में खरीदी प्रॉपर्टी

जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि फिरोज ने दिल्ली में तीन मंजिला आलीशान मकान बना रखा है। जयपुर के करीम नगर क्षेत्र में भी उसने प्लॉट खरीदा था। दस्तावेजों की जांच में पहली बार पुलिस को उसकी तस्वीर और संपत्तियों से जुड़े प्रमाण मिले हैं।

हालांकि अग्निकांड के बाद से फिरोज फरार है। पुलिस जब दिल्ली स्थित उसके घर पहुंची तो वहां केवल उसके पिता मिले, जिन्होंने बताया कि उनका बेटा कई दिनों से लापता है और उसका मोबाइल भी बंद है।

5 राज्यों में फैक्ट्रियों का खुलासा

पुलिस जांच में राजस्थान, दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश सहित पांच राज्यों में फिरोज के अवैध पटाखा कारोबार के नेटवर्क का पता चला है। आरोप है कि आबादी क्षेत्रों में स्थानीय लोगों को रोजगार देकर फैक्ट्रियां संचालित की जाती थीं ताकि किसी को संदेह न हो।

हादसे के बाद फरार हुए कय्यूम और याकूब

जांच में सामने आया कि फैक्ट्री में आग लगने के दौरान मुख्य आरोपी कय्यूम घटनास्थल के पास मौजूद था। हादसे की सूचना मिलते ही वह मौके पर पहुंचा, लेकिन मजदूरों को जलता देखकर घबरा गया और फरार हो गया। उसके भतीजे सलमान कुरैशी ने उसे दिल्ली जाने वाली बस में बैठाकर भगाने में मदद की।

पुलिस अब तक सलमान को गिरफ्तार कर चुकी है, जबकि कय्यूम और उसका भाई याकूब अभी भी फरार हैं।

राजनीति में एंट्री की तैयारी

जांच एजेंसियों को मिले इनपुट के अनुसार अवैध कारोबार से कमाए गए धन के बल पर कय्यूम और याकूब स्थानीय राजनीति में प्रभाव बढ़ाने की कोशिश कर रहे थे। दोनों ने कई राजनीतिक नेताओं के साथ तस्वीरें और बड़े-बड़े पोस्टर लगाकर क्षेत्र में अपनी पहचान और दबदबा बनाने का प्रयास किया था।

20 से ज्यादा संदिग्ध गोदाम सील

अग्निकांड के बाद खोह नागोरियान क्षेत्र में पुलिस की सर्च कार्रवाई जारी है। अब तक 20 से अधिक संदिग्ध गोदामों और फैक्ट्रियों की पहचान कर उन्हें सील किया जा चुका है। कई स्थानों से पटाखा निर्माण सामग्री और बारूद बरामद हुआ है।

पुलिस और प्रशासन की भूमिका भी जांच के घेरे में

इस पूरे मामले में केवल अवैध कारोबार ही नहीं, बल्कि स्थानीय प्रशासन और पुलिस की संभावित लापरवाही की भी जांच की जा रही है। अधिकारी यह पता लगाने में जुटे हैं कि आबादी क्षेत्र में इतने बड़े स्तर पर अवैध पटाखा फैक्ट्रियां वर्षों तक कैसे संचालित होती रहीं।